भिवानी। पूरे प्रदेश में अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को राहत देते हुए हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर सत्र 2019-20 तक मान्यता बढ़ा दी है। हरियाणा सरकार ने बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को ध्यान में रखते हुये अस्थाई मान्यता प्राप्त विद्यालयों को एक वर्ष का समय और दिया है।
शुक्रवार को जारी बयान में बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह ने बताया कि अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल एक वर्ष के अंदर-अंदर बोर्ड व सरकार की सभी शर्तों को पूरा करें। उन्होंने बताया कि सरकार ने मामले में बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए राहत दिया है। अब ऐसे स्कूल बिना लेट फ़ीस व जुर्माने के राशि जमा करवा सकेंगे।
बगैर विलंब शुल्क के बच्चों का होगा प्रवेश
बता दें कि आदेश जारी होने के बाद बिना विलंब शुल्क के बच्चों को दाखिला दिया जाएगा और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाएगा। ऐसे में अस्थाई स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के भविष्य पर लटकी तलवार अब एक साल के लिए हटी है। इनमें 914 स्कूल बोर्ड की सूची में शुमार हैं। एक साल के लिए बच्चे इन स्कूलों में बिना किसी भय के अपनी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। जल्द ही बोर्ड द्वारा एनरोलमैंट पोर्टल पर जारी कर दिया जाएगा। ये भी बता दें कि उन्हीं स्कूलों को राहत दी गई है जो पहले से ही बोर्ड से अस्थाई तौर पर मान्यता प्राप्त थे।
शुक्रवार को जारी बयान में बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह ने बताया कि अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल एक वर्ष के अंदर-अंदर बोर्ड व सरकार की सभी शर्तों को पूरा करें। उन्होंने बताया कि सरकार ने मामले में बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए राहत दिया है। अब ऐसे स्कूल बिना लेट फ़ीस व जुर्माने के राशि जमा करवा सकेंगे।
बगैर विलंब शुल्क के बच्चों का होगा प्रवेश
बता दें कि आदेश जारी होने के बाद बिना विलंब शुल्क के बच्चों को दाखिला दिया जाएगा और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाएगा। ऐसे में अस्थाई स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के भविष्य पर लटकी तलवार अब एक साल के लिए हटी है। इनमें 914 स्कूल बोर्ड की सूची में शुमार हैं। एक साल के लिए बच्चे इन स्कूलों में बिना किसी भय के अपनी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। जल्द ही बोर्ड द्वारा एनरोलमैंट पोर्टल पर जारी कर दिया जाएगा। ये भी बता दें कि उन्हीं स्कूलों को राहत दी गई है जो पहले से ही बोर्ड से अस्थाई तौर पर मान्यता प्राप्त थे।