पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने चंडीगढ़ के सैकड़ों शिक्षकों को
राहत दी है। उनकी नौकरी पर आया संकट टल गया है। इन शिक्षकों में अधिकतर
हरियाणा और पंजाब के हैं। केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) ने चंडीगढ़
प्रशासन द्वारा हटाए गए 850 शिक्षकों की सेवा समाप्त करने के आदेश को खारिज
कर दिया था। उच्च न्यायालय ने भी कैट के फैसले पर मुहर लगा दी है।
उच्च न्यायालय ने इस मामले पर सुनवाई के बाद कैट के फैसले को कायम रखा। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से 2015 में सरकारी स्कूलों में भर्ती किए गए 850 जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों को हटाने का आदेश दिया गया था। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की फैसला किया था। इसके बाद इन शिक्षकों ने केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) में अपील की थी। कैट ने सुनवाई के बाद चंडीगढ़ प्रशासन के फैसले को खारिज कर दिया और शिक्षकों को बड़ी राहत दे दी थी। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने कैट के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को इस पर फैसला सुनाया और कैट के आदेश को बरकरार रखा। वैसे,जिन अध्यापकों का नाम एफआइआर में है उनको कोई राहत नहीं मिलेगी।
यह था मामला
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने 2014 में करीब 1150 शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी। मेरिट के आधार पर 2015 में शिक्षकों की नियुक्ति भी कर दी गई। बाद में पंजाब में हुई भर्ती में धांधली में गिरफ्तार आरोपितों से पता चला कि इस टीचर भर्ती में घोटाला हुआ है।आरोपियों ने 10 लाख तक में प्रश्नपत्र बेच दिए थे। मामले में भर्ती हुए करीब 40 लोगों पर एफआइआर दर्ज हुई और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई। केस में जांच अभी जारी है।
उच्च न्यायालय ने इस मामले पर सुनवाई के बाद कैट के फैसले को कायम रखा। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से 2015 में सरकारी स्कूलों में भर्ती किए गए 850 जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों को हटाने का आदेश दिया गया था। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की फैसला किया था। इसके बाद इन शिक्षकों ने केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) में अपील की थी। कैट ने सुनवाई के बाद चंडीगढ़ प्रशासन के फैसले को खारिज कर दिया और शिक्षकों को बड़ी राहत दे दी थी। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने कैट के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को इस पर फैसला सुनाया और कैट के आदेश को बरकरार रखा। वैसे,जिन अध्यापकों का नाम एफआइआर में है उनको कोई राहत नहीं मिलेगी।
यह था मामला
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने 2014 में करीब 1150 शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी। मेरिट के आधार पर 2015 में शिक्षकों की नियुक्ति भी कर दी गई। बाद में पंजाब में हुई भर्ती में धांधली में गिरफ्तार आरोपितों से पता चला कि इस टीचर भर्ती में घोटाला हुआ है।आरोपियों ने 10 लाख तक में प्रश्नपत्र बेच दिए थे। मामले में भर्ती हुए करीब 40 लोगों पर एफआइआर दर्ज हुई और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई। केस में जांच अभी जारी है।