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Haryana के शिक्षकों को तरक्की, स्कूलों में बच्चों का सिलेबस बीच में छूटा Panipat News
पानीपत/करनाल, [यशपाल वर्मा]। मुखिया विहीन चल रहे
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए अच्छी खबर है। शिक्षा विभाग ने
108 पीजीटी व 20 हेडमास्टरों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति दी है। वर्ष-1995
में भर्ती हुए पीजीटी ने विभाग के आदेश के बाद अपने स्कूल से रिलीविंग
लेकर डीईओ कार्यालय में स्टेशन की इंतजार में हैं। ऑप्शन के आधार पर ऑनलाइन
काउंसिलिंग या फिर एमआइएस पोर्टल के अंतर्गत सभी को जल्द स्टेशन अलॉट करने
की बात की जा रही है, जबकि एमआइएस पोर्टल फिल्हाल बंद पड़ा है।
उच्चाधिकारियों के अगले आदेश तक सभी पदोन्नत हुए शिक्षक डीईओ कार्यालय में
तैनात रहेंगे। दूसरी तरफ, स्कूलों से शिक्षकों के रिलीव होने के कारण
बच्चों का सिलेबस बीच में छूट गया है। सिलेबस पूरा कराना चुनौती
पदोन्नत शिक्षक अंबाला, पानीपत, यमुनानगर, हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम,
रोहतक, जींद, करनाल, पंचकूला, भिवानी, फतेहबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा,
महेंद्रगढ़, रेवाड़ी व झज्जर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में तैनात
थे। उक्त लिस्ट में करनाल के 12 शिक्षकों के रिलीव होने के कारण स्कूलों
में बच्चों का सिलेबस पूरा कराने के लिए प्राचार्यों को हाथ-पांव मारने पड़
रहे हैं। 27 नवंबर को जारी पत्र के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट टीचर व
हेडमास्टर (रेस्ट ऑफ हरियाणा केडर) को प्राचार्य पद के लिए तरक्की दी गई
है। 128 शिक्षक तीन दिन से डीईओ कार्यालय में तैनात हैं।
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अतिरिक्त पदभार के भरोसे 748 स्कूल प्रदेश के 748 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में
शिक्षकों पर मुखिया के अतिरिक्त कार्यभार के साथ-साथ बच्चों को विषय पढ़ाने
का भी दबाव है। स्टाफ की कमी से जूझ रहे ऐसे स्कूलों में शिक्षकों पर
अतिरिक्त बोझ डाले जाने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग की ओर से
इससे पहले 13 सितंबर 2019 को पदोन्नति के लिए पत्र जारी किया था, लेकिन दो
दिन बाद ही आदशों को वापस कर लिया गया था। सीनियोरिटी की आस पर तरक्की के
लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षकों आस टूट चुकी थी। तरक्की के लिए आस
लगाने वालों में अधिकतर शिक्षक वर्ष-1995 की भर्ती के थे, जिन्हे अब विभाग
के फैसले से राहत मिली है। दूसरी तरफ, प्रदेश के 437 शिक्षक अभी तक प्रमोशन
की इंतजार में लगे हुए हैं।
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प्रमोशन के साथ मिलना चाहिए था स्टेशन
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन संरक्षक बीर सिंह राणा ने बताया कि
शिक्षा विभाग के प्रयोगों से बच्चों और शिक्षकों के साथ हमेशा खिलवाड़ होता
रहा है। तरक्की देने के बाद शिक्षकों को डीईओ कार्यालय में तैनात करने के
बजाय स्टेशन अलॉट कराना चाहिए था, लेकिन एमआइएस पोर्टल बाधा बनी हुई है।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने बताया कि शिक्षा विभाग के आदेश
के बाद पदोन्नत हुए शिक्षक जिला कार्यालय में हाजिरी लगा रहे हैं। एमआइएस
पोर्टल व ऑनलाइन काउसिलिंग के जरिए पदोन्नत शिक्षकों को रिक्त पदों पर
तैनात कर दिया जाएगा। बच्चों की शिक्षा को जारी रखने के लिए शिक्षकों को
भेजा जा रहा है।