जागरण संवाददाता, भिवानी : भाजपा सरकार लगातार पीटीआई अध्यापकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाए हुए है। यह बात हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के जिला प्रधान दिलबाग जांगड़ा ने लघु सचिवालय के बाहर धरनारत आंदोलनकारियों को सम्बोधित करते हुए कही। इस दौरान सभी शारीरिक शिक्षकों व जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने मिलकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
रविवार के क्रमिक अनशन पर सतीश सिवाना, अनिल तंवर, बलजीत तालू, सुरेंद्र सिंह खरक को पदाधिकारियों ने फू ल मालाएं पहनाकर बैठाया। जबकि अनशन का संचालन राजपाल यादव कर रहे थे। जिला प्रधान ने कहा कि वर्ष 2010 में लगे 1983 पीटीआई अध्यापकों को सरकार ने बाहर का रास्ता दिखाकर उनके आश्रितों व बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम किया। इस दौरान उन्होंने सभी सांसदों, विधायकों, मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन भेजा। गत 6 अक्टूबर को प्रतिनिधि मंडल की वार्ता भी हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए उनको लिखित में शिक्षा विभाग में खेल स्कूल सहायक के पद पर नियुक्त करने का फरमान भी जारी किया, लेकिन आजतक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि धांधलीबाजी के कारण ग्राम सचिव का पेपर रद्द कर दिया, इसी प्रकार पीटीआई के पेपर में भी धांधली हुई थी उनके पेपर को भी रद्द करना चाहिए लेकिन सरकार ने ऐसा न कुछ नहीं किया। सरकार ने अपने चेहेतो को लगाया है। सरकार की नीति व नियत इसी बात को लेकर उजागर होती है। इस अवसर पर जरनैल सिंह पीटीआई, जगबीर कासनिया, राकेश मलिक, विनोद कुमार पिकू, उमेद सिंह, अजमेर सिंह जेबीटी, सुनील कुमार, नूर मोहम्मद, जगबीर सिंह जेबीटी, अनिल कुमार जेबीटी, बलजीत तालू, विनोद सांगा, सुरेंद्र कुमार, विजेंद्र कुमार, जिले सिंह, प्रकाश कुमार, कृ ष्ण कुमार, वीरेंद्र मान, सतीश कुमार, उदयभान आदि उपस्थित थे।