जागरण संवाददाता, जींद : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 व नए कृषि कानूनों की स्कूलों व घरों में प्रतियां फूंक कर लोहड़ी मनाई। जिला प्रधान साधुराम ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों रेल, भेल, हवाई अड्डे, शिक्षण संस्थाएं, कोयला व बिजली का निजीकरण किया जा रहा है। जिला सचिव संजीव
सिगला ने कहा कि वर्तमान स्तर में जारी आनलाइन शिक्षण प्रशिक्षण बिना ढांचागत सुविधाओं व प्रशिक्षण के जी का जंजाल बना हुआ है। सरकार केवल आंकड़ों के रूप में यह दर्शना चाहती है कि हमने आनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से शत-प्रतिशत बच्चों को शिक्षण उपलब्ध करवा दिया है। स्कूलों को बंद या मर्ज करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही। प्रदेश सरकार एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं कर पाई है। वहीं 1983 शारीरिक शिक्षक, 819 ड्राइंग अध्यापक व 1518 ग्रुप डी के कर्मचारियों की छंटनी की गई है। अध्यापकों पर गैर शैक्षणिक कार्यो का भार जबरन थोपा जा रहा है। राज्य ऑडिटर वेदपाल रिढ़ाल ने कहा कि 1983 शारीरिक शिक्षकों में से पुन: चयनित पीटीआइ को 10 वर्ष की सेवा का लाभ दिया जाए। बाकी को खेल एवं स्कूल सहायक के पद पर जल्द कार्य ग्रहण करवाया जाए। इनमें से एक्सग्रेशिया मासिक लाभ को निरंतरता में जारी रखा जाए। जेबीटी अध्यापकों की बार-बार जारी अंतर जिला स्थानांतरण को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि, निश्शुल्क पाठ्य पुस्तकें, आनलाइन शिक्षण उपकरण समय पर मिलें। पुरानी पेंशन बहाल हो। अस्थायी शिक्षकों का स्थायीकरण व सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध हो। केवल व्यवहारिक व अनिवार्य तबादले किए जाएं। अध्यापक संघ के राज्य उपप्रधान होशियार सिंह ने कहा कि स्कूल मुखिया के 50 प्रतिशत से अधिक पद वर्षो से रिक्त पड़े हुए हैं। प्रदेश के 8645 प्राथमिक विद्यालयों में एक भी स्थाई सफाई कर्मचारी नहीं है। 34850 अध्यापकों के पद विभाग में रिक्त हैं। राज्य सलाहकार बलबीर सिंह ने कहा कि अगर बातचीत द्वारा हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग उनके मुद्दों का सकारात्मक हल नहीं निकालते हैं, तो 27 जनवरी से 28 फरवरी तक अध्यापक संघ खंड स्तरीय प्रदर्शन करेगा।इस अवसर पर भूप सिंह वर्मा, जितेंद्र कुमार, रोहतास आसन, महेंद्र गौतम, शमशेर सिंह, शमशेर कौशिक रोहतास, रणधीर सिंह मौजूद थे।