पानीपत भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा कर सत्ता पर काबिज हुई सरकार के राज में ही कई अध्यापक सरकारी नौकरी के लिए धक्के खा रहे हैं।
ऐसा भी नहीं है कि इनकी योग्यता में कमी हो। कमी है तो बस राजनीतिक पहुंच
और रिश्वत की। ऐसा मानना है मतलौडा में पढ़ाने वाले दो अध्यापकों सुनील
कुमार और मीनाक्षी शर्मा का।
सुनील कुमार और मीनाक्षी शर्मा पांच-पांच बार एचटेट पास कर चुके हैं। हालांकि इन दोनों अध्यापकों को वर्तमान सरकार से तो आस है, लेकिन पिछली सरकार की ओर से इनके साथ किए पक्षपात का दर्द भी कम नहीं है।
सुनील कुमार और मीनाक्षी शर्मा फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं और बताते हैं कि कई सरकारी अध्यापक उनके पास ट्यूशन पढ़ने आते हैं। निजी स्कूल में वाइस प्रिंसिपल के पद पर नौकरी करने वाले सुनील कुमार ने बताया कि उसने इंग्लिश, एजुकेशन, पब्लिक एड और इतिहास में चार मास्टर डिग्री और बीएड की है।
उन्होंने तीन बार इंग्लिश लेक्चरर के लिए एचटेट, एक बार एसएस मास्टर के लिए एचटेट, एक बार जेबीटी के लिए एचटेट और एक बार टीजीटी अंग्रेजी के लिए सीटेट पास किया। लेकिन बिगड़ी राजनीतिक व्यवस्था, पक्षपात और क्षेत्रवाद के चलते हर बार उन्हें मात्र एक या आधे अंक से इंटरव्यू में फेल कर दिया गया।
सिंघाना गांव की मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि उसने अंग्रेजी से मास्टर डिग्री ली है। बीएड और एमएड किया है। उसने दो बार स्टेट और तीन बार एचटेट पास किया है। हर बार मेरिट सूची में नाम आया। लेकिन हर बार इंटरव्यू में जानबूझकर फेल कर दिया।
अंग्रेजी विषय में पीएचडी कर रही मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि आज काबिलियत को अहमियत न देकर अपने पराये को देखा जा रहा है। जब सरकार ही पक्षपात करती हैं तो फिर किससे शिकायत करें और किससे उम्मीद।
इसी प्रकार सुनील कुमार प्रदेश में तैनात अध्यापकों को जनता की अदालत में इंटरव्यू देने की चुनौती देते हुए कहते हैं कि कुछ अध्यापक ऐसे हैं जो विद्यार्थियों के बैच से अलग चोरी छिपे उनके पास ट्यूशन पढ़ने आते हैं।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
सुनील कुमार और मीनाक्षी शर्मा पांच-पांच बार एचटेट पास कर चुके हैं। हालांकि इन दोनों अध्यापकों को वर्तमान सरकार से तो आस है, लेकिन पिछली सरकार की ओर से इनके साथ किए पक्षपात का दर्द भी कम नहीं है।
सुनील कुमार और मीनाक्षी शर्मा फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं और बताते हैं कि कई सरकारी अध्यापक उनके पास ट्यूशन पढ़ने आते हैं। निजी स्कूल में वाइस प्रिंसिपल के पद पर नौकरी करने वाले सुनील कुमार ने बताया कि उसने इंग्लिश, एजुकेशन, पब्लिक एड और इतिहास में चार मास्टर डिग्री और बीएड की है।
उन्होंने तीन बार इंग्लिश लेक्चरर के लिए एचटेट, एक बार एसएस मास्टर के लिए एचटेट, एक बार जेबीटी के लिए एचटेट और एक बार टीजीटी अंग्रेजी के लिए सीटेट पास किया। लेकिन बिगड़ी राजनीतिक व्यवस्था, पक्षपात और क्षेत्रवाद के चलते हर बार उन्हें मात्र एक या आधे अंक से इंटरव्यू में फेल कर दिया गया।
सिंघाना गांव की मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि उसने अंग्रेजी से मास्टर डिग्री ली है। बीएड और एमएड किया है। उसने दो बार स्टेट और तीन बार एचटेट पास किया है। हर बार मेरिट सूची में नाम आया। लेकिन हर बार इंटरव्यू में जानबूझकर फेल कर दिया।
अंग्रेजी विषय में पीएचडी कर रही मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि आज काबिलियत को अहमियत न देकर अपने पराये को देखा जा रहा है। जब सरकार ही पक्षपात करती हैं तो फिर किससे शिकायत करें और किससे उम्मीद।
इसी प्रकार सुनील कुमार प्रदेश में तैनात अध्यापकों को जनता की अदालत में इंटरव्यू देने की चुनौती देते हुए कहते हैं कि कुछ अध्यापक ऐसे हैं जो विद्यार्थियों के बैच से अलग चोरी छिपे उनके पास ट्यूशन पढ़ने आते हैं।
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