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20 दिन बाद भी स्कूलों में नहीं पहुंचीं पुस्तकें

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : नया सत्र शुरू होने के 20 दिन बाद भी सरकारी स्कूलों में पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। पुस्तकें नहीं पहुंचने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। विभाग शिक्षकों को लेकर भी उपेक्षापूर्ण व्यवहार कर रहा है।

विभाग की खामियों को लेकर हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ की बैठक विश्राम गृह में जिला प्रधान सतपाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। संघ के राज्य उप प्रधान पवन कुमार ने विभाग वा सरकार की शिक्षा व शिक्षकों के प्रति उपेक्षापूर्ण व्यवहार पर ¨चता व्यक्त की। उन्होंने कहा की सरकार व विभाग शिक्षा व शिक्षकों के प्रति बिलकुल भी ¨चतित नहीं है। अप्रैल के 20 दिन गुजर जाने पर भी अभी तक बच्चों के पढ़ने के लिए पुस्तके उपलब्ध नहीं कराई गयी हैं।
पाठ्य पुस्तकों के समय पर न पहुंचने पर विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति है। यदि सरकार वा विभाग समय पर पुस्तकें उपलब्ध न करा पा रही है तो ऐसे में कैसे सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या के लिए अध्यापक प्रयत्न कर सकता है।

जिला कोषाध्यक्ष जय कृष्ण ने कहा कि अप्रैल के 20 दिन गुजर जाने पर भी मार्च का वेतन नहीं दिया गया। विभाग शिक्षा व शिक्षकों के लिए तनिक भी ¨चतित नहीं है।सरकार केवल घोषणाओं तक ही सीमित रह गयी है, जबकि धरातल पर स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने बताया कि विभाग को सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए शिक्षा और शिक्षक नीतियों पर बहुत गहनता से विचार विमर्श करना चाहिए। जिला प्रधान सतपाल ने कहा कि आज स्कूलों में सरकार व विभाग की नाकामी सा़फ झलकती नजर आती है। इस मौके पर सुरेंदर कुमार, विनोद मोहड़ी, सलिन कुमार, प्रवीण कुमार, संजीव खदरी, चांदराम, सेवा ¨सह, गुरनाम ¨सह, जोगिन्दर ¨सह आदि थे।
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