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अपग्रेड स्कूल में चार साल बाद भी शिक्षकों नहीं, ग्रामीणों ने ताला जड़ा


जागरण संवाददाता, सिरसा : शिक्षा विभाग ने गांव चिलकनी ढाब के चार वर्ष पूर्व राजकीय प्राथमिक स्कूल को अपग्रेड कर राजकीय माध्यमिक स्कूल बन दिया। स्कूल में अभी तक शिक्षकों की स्थाई नियुक्ति अभी तक नहीं की है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने तालाबंदी करने के बाद शिक्षा विभाग व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

स्कूल के ग्रामीणों ने दोपहर 3:15 बजे जिला शिक्षा अधिकारी के आश्वासन पर ताला खोला।
सुबह ही धरने पर डट गए
गांव के ग्रामीण सुबह 8 बजे स्कूल परिसर के सामने एकत्रित हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए स्कूल के ताला लगा दिया। इसके बाद धरना देकर स्कूल के सामने बैठ गये। स्कूल में अभिभावकों ने किसी भी विद्यार्थी को नहीं जाने दिया। स्कूल के तालाबंदी की सूचना पाकर खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी परमजीत कौर मौके पर 10:30 बजे पहुंची। उन्होंने इसके बाद उच्च अधिकारियों को सूचना दी।
तहसीलदार की भी नहीं सुनी
स्कूल के तालाबंदी की सूचना मिलने पर ऐलनाबाद के नायब तहसीलदार रामनिवास भांभू ग्रामीणों के बीच सुबह 11 बजे पहुंचे। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया। मगर ग्रामीणों ने उनकी किसी भी बात को सूनने से इंकार कर दिया। इसके बाद 1 बजे सिरसा से जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी ग्रामीणों को तालाबंदी खोलने के लिए आश्वासन दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जब तक यहां पर स्थाई अध्यापक शिक्षा विभाग ने नहीं देता है। तब तक स्कूल में 3 अध्यापकों की डेपूटेशन कर देते हैं। मगर ग्रामीणों ने इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित में देने को कहा।
चार साल से नहीं स्थाई अध्यापक
गांव के सरपंच सतपाल ¨सह सिहाग व पूर्व सरपंच भीमसेन ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011-12 में राजकीय प्राथमिक स्कूल को अपग्रेड कर राजकीय माध्यमिक स्कूल बनाया था। उस समय से अभी तक स्कूल में अध्यापकों की स्वीकृत पद पर स्थाई नियुक्ति नहीं की गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारी अध्यापकों को डेपूटेशन पर भेज देते हैं। जो कुछ समय बाद स्कूल से अपने स्कूल में चल जाते हैं। जिससे गांव के बच्चों की पढ़ाई प्राभवित हो रही है। स्कूल में 97 विद्यार्थी है। कई विद्यार्थी स्कूल में अध्यापक नहीं होने से दाखिला भी नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में अध्यापकों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी अवगत करवा चुके हैं। वहीं शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से मिल चुके हैं। मगर अभी तक ग्रामीणों की समस्या का हल नहीं किया गया है।
अधिकारियों से लिखित में लिया आश्वासन,3:15 बजे खोला ताला
ग्रामीणों ने स्कूल के दोपहर 3:15 तब ताला खोला जब अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन दिया। सरपंच सतपाल सिहाग ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों को लिखित में आश्वासन दिया है कि जब तक स्कूल में स्थाई नियुक्ति नहीं होगी। तब तक स्कूल में तीन अध्यापकों को डेपुटेशन किया है। उनको तभी हटाये जाएंगे। जब स्कूल में स्थाई अध्यापक आ जाएंगे। इसके बाद ही स्कूल के ताला खोला गया है।
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