स्कूलों में टीचरों की कमी है और सरकार अतिथि अध्यापकों को नौकरी से निकाल रही है। यह बात हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान हरीचंद वर्मा ने कही। मंगलवार को जिला कार्यकारिणी की बैठक पलवल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में उनकी अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन सचिव गीतेश शर्मा ने किया। बैठक में अध्यापकों की लंबित पड़ी मांगों पर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए संघ के जिला प्रधान हरीचंद वर्मा ने कहा कि गत वर्ष अध्यापकों छात्रों की मांगों समस्याओं को लेकर प्रदेश के अध्यापकों ने करनाल में राज्यस्तरीय रैली की थी। सीएम ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया था लेकिन अभी तक किसी भी मांग को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 30 से 40 हजार अध्यापकों के पद रिक्त हैं लेकिन सरकार अतिथि अध्यापकों को नौकरी से बाहर निकाल दिया।
9 हजार टीचरों को नहीं मिली नियुक्ति
उन्होंनेकहा नौ हजार शिक्षक पिछले डेढ़ वर्ष से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी नियुक्ति नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा सरकार की अनदेखी के चलते निजी शिक्षण संस्थाएं मालामाल हो रही हैं। जबकि सरकारी संस्थाओं में छात्रों की संख्या में लगातार कमी रही है। पिछले दस वर्षों से सभी वर्गों की पदोन्नतियां लंबित पड़ी हुई हैं। बैठक में संघ ने निर्णय लिया कि चार मई को अध्यापक पंचकूला स्थित शिक्षा निदेशालय पर पहुंच कर बैठक कर आंदोलन की घोषणा करेंगे। बैठक को राकेश शर्मा, वेदपाल, जमील अहमद, थान सिंह शर्मा, रूप किशोर गुप्ता, शाहिद हुसैन, मुक्ता शर्मा, महेश शर्मा, डाक्टर रघुवीर सिंह, यादराम शर्मा, प्रेमचंद देशवाल आदि अध्यापकों ने संबोधित किया
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बैठक को संबोधित करते हुए संघ के जिला प्रधान हरीचंद वर्मा ने कहा कि गत वर्ष अध्यापकों छात्रों की मांगों समस्याओं को लेकर प्रदेश के अध्यापकों ने करनाल में राज्यस्तरीय रैली की थी। सीएम ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया था लेकिन अभी तक किसी भी मांग को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 30 से 40 हजार अध्यापकों के पद रिक्त हैं लेकिन सरकार अतिथि अध्यापकों को नौकरी से बाहर निकाल दिया।
9 हजार टीचरों को नहीं मिली नियुक्ति
उन्होंनेकहा नौ हजार शिक्षक पिछले डेढ़ वर्ष से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी नियुक्ति नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा सरकार की अनदेखी के चलते निजी शिक्षण संस्थाएं मालामाल हो रही हैं। जबकि सरकारी संस्थाओं में छात्रों की संख्या में लगातार कमी रही है। पिछले दस वर्षों से सभी वर्गों की पदोन्नतियां लंबित पड़ी हुई हैं। बैठक में संघ ने निर्णय लिया कि चार मई को अध्यापक पंचकूला स्थित शिक्षा निदेशालय पर पहुंच कर बैठक कर आंदोलन की घोषणा करेंगे। बैठक को राकेश शर्मा, वेदपाल, जमील अहमद, थान सिंह शर्मा, रूप किशोर गुप्ता, शाहिद हुसैन, मुक्ता शर्मा, महेश शर्मा, डाक्टर रघुवीर सिंह, यादराम शर्मा, प्रेमचंद देशवाल आदि अध्यापकों ने संबोधित किया