हरियाणा की हुड्डा सरकार के समय भर्ती किए गए 9870 जेबीटी शिक्षकों की ज्वाइनिंग का मुद्दा प्रदेश की खट्टर सरकार के लिए चुनौती बन गया है। मामला पहले से ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहा है और अब खट्टर सरकार ने इस भर्ती की समीक्षा करने का फैसला लेकर चयनित जेबीटी शिक्षकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
सरकार पर इस मामले में जानबूझ कर देरी करने के आरोप लगाते हुए पात्र अध्यापक संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया है। रविवार को पात्र अध्यापक संघ ने राज्य को 5 भागों में बांटकर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। गुड़गांव, भिवानी, हिसार, कैथल व गोहाना में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के नवचयनित जेबीटी शिक्षक इकट्ठे हुए और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।
प्रदेश की हुड्डा सरकार द्वारा नियुक्त किए गए करीब 15 हजार गेस्ट टीचरों के खिलाफ पात्र अध्यापक संघ ने कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी। आखिर में करीब 2 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को गेस्ट टीचरों की जगह नियमित शिक्षकों की भर्ती करने के आदेश दिए थे। शिक्षकों की भर्ती के लिए हुड्डा सरकार ने अलग से हरियाणा शिक्षक भर्ती बोर्ड का गठन किया था। इस बोर्ड ने लगभग ढाई साल की प्रक्रिया व लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद स्कूलों में नियुक्त करने के लिए 9870 जेबीटी शिक्षकों का रिजल्ट घोषित किया। इन शिक्षकों का रिजल्ट तो आ गया लेकिन हुड्डा सरकार इन्हें नियुक्ति-पत्र जारी नहीं कर सकी और न ही इनकी ज्वाइनिंग हो पाई। हालांकि शिक्षक भर्ती बोर्ड ने सभी शिक्षकों को जिले भी अलॉट कर दिए थे।
भर्ती का रिजल्ट तो आया, पर कोर्ट केस के कारण नियुक्ति-पत्र नहीं मिले
रविवार को भिवानी में प्रदर्शन करते हुए जेबीटी अध्यापक। -हप्र
नियुक्ति-पत्र इसलिए नहीं दिए जा सके क्योंकि पंजाबं एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस भर्ती को लेकर पहले से ही केस चल रहा है। वर्ष 2013 में राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले पात्र शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उन्हें भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए थे कि वह जेबीटी शिक्षकों का रिजल्ट तो घोषित कर सकती है लेकिन कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक इनकी ज्वाइनिंग नहीं करवा सकती। वर्ष 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वाले पात्र शिक्षकों की संख्या 1500 के लगभग है। वहीं 2010 में हुड्डा सरकार ने करीब 9 हजार जेबीटी शिक्षकों की भर्ती की गई थी। उस समय करीब 1200 पोस्ट खाली रह गईं थी। बताते हैं कि ये पोस्ट
सरकार ने इसलिए खाली रखी
हुई हैं कि अगर हाईकोर्ट 2013 के पात्रता परीक्षा पास शिक्षकों को मौका देती है, तो उन्हें एडजस्ट किया जा सके।
भाजपा विधायकों के घरों पर देंगे धरना
हरियाणा पात्र अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा का आरोप है कि सरकार इस मामले को जानबूझ कर लटका रही है। पात्र शिक्षक 23 को पंचकूला में रैली करेंगे। 23 से 27 नवंबर तक क्रमिक अनशन करेंगे। 27 नवंबर से 18 दिसंबर तक विधायकों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे और भाजपा विधायकों के घरों के बाहर धरने देंगे।
सरकार नहीं मानी तो अामरण अनशन
राजेंद्र शर्मा ने कहा कि अगर इसके बाद भी सरकार ने जेबीटी शिक्षकों की ज्वाइनिंग नहीं करवाई तो शिक्षक आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर तक के आंदोलन का कार्यक्रम इसलिए तय किया गया है क्योंकि 19 दिसंबर को हाईकोर्ट में तारीख है और तब तक सरकार की नीयत का भी पता लग जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे पहले पात्र शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एवं शिक्षा मंत्री प्रो़ रामबिलास शर्मा से भी मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो शिक्षक प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
19 दिसंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई इस मामले में 13 नवंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया था कि वह इस भर्ती की समीक्षा कर रही है, इसके लिए एक महीने का समय चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार को 19 दिसंबर को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
सरकार पर इस मामले में जानबूझ कर देरी करने के आरोप लगाते हुए पात्र अध्यापक संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया है। रविवार को पात्र अध्यापक संघ ने राज्य को 5 भागों में बांटकर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। गुड़गांव, भिवानी, हिसार, कैथल व गोहाना में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के नवचयनित जेबीटी शिक्षक इकट्ठे हुए और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।
प्रदेश की हुड्डा सरकार द्वारा नियुक्त किए गए करीब 15 हजार गेस्ट टीचरों के खिलाफ पात्र अध्यापक संघ ने कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी। आखिर में करीब 2 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को गेस्ट टीचरों की जगह नियमित शिक्षकों की भर्ती करने के आदेश दिए थे। शिक्षकों की भर्ती के लिए हुड्डा सरकार ने अलग से हरियाणा शिक्षक भर्ती बोर्ड का गठन किया था। इस बोर्ड ने लगभग ढाई साल की प्रक्रिया व लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद स्कूलों में नियुक्त करने के लिए 9870 जेबीटी शिक्षकों का रिजल्ट घोषित किया। इन शिक्षकों का रिजल्ट तो आ गया लेकिन हुड्डा सरकार इन्हें नियुक्ति-पत्र जारी नहीं कर सकी और न ही इनकी ज्वाइनिंग हो पाई। हालांकि शिक्षक भर्ती बोर्ड ने सभी शिक्षकों को जिले भी अलॉट कर दिए थे।
भर्ती का रिजल्ट तो आया, पर कोर्ट केस के कारण नियुक्ति-पत्र नहीं मिले
रविवार को भिवानी में प्रदर्शन करते हुए जेबीटी अध्यापक। -हप्र
नियुक्ति-पत्र इसलिए नहीं दिए जा सके क्योंकि पंजाबं एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस भर्ती को लेकर पहले से ही केस चल रहा है। वर्ष 2013 में राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने वाले पात्र शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उन्हें भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए थे कि वह जेबीटी शिक्षकों का रिजल्ट तो घोषित कर सकती है लेकिन कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक इनकी ज्वाइनिंग नहीं करवा सकती। वर्ष 2013 में पात्रता परीक्षा पास करने वाले पात्र शिक्षकों की संख्या 1500 के लगभग है। वहीं 2010 में हुड्डा सरकार ने करीब 9 हजार जेबीटी शिक्षकों की भर्ती की गई थी। उस समय करीब 1200 पोस्ट खाली रह गईं थी। बताते हैं कि ये पोस्ट
सरकार ने इसलिए खाली रखी
हुई हैं कि अगर हाईकोर्ट 2013 के पात्रता परीक्षा पास शिक्षकों को मौका देती है, तो उन्हें एडजस्ट किया जा सके।
भाजपा विधायकों के घरों पर देंगे धरना
हरियाणा पात्र अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा का आरोप है कि सरकार इस मामले को जानबूझ कर लटका रही है। पात्र शिक्षक 23 को पंचकूला में रैली करेंगे। 23 से 27 नवंबर तक क्रमिक अनशन करेंगे। 27 नवंबर से 18 दिसंबर तक विधायकों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे और भाजपा विधायकों के घरों के बाहर धरने देंगे।
सरकार नहीं मानी तो अामरण अनशन
राजेंद्र शर्मा ने कहा कि अगर इसके बाद भी सरकार ने जेबीटी शिक्षकों की ज्वाइनिंग नहीं करवाई तो शिक्षक आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर तक के आंदोलन का कार्यक्रम इसलिए तय किया गया है क्योंकि 19 दिसंबर को हाईकोर्ट में तारीख है और तब तक सरकार की नीयत का भी पता लग जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे पहले पात्र शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एवं शिक्षा मंत्री प्रो़ रामबिलास शर्मा से भी मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो शिक्षक प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
19 दिसंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई इस मामले में 13 नवंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया था कि वह इस भर्ती की समीक्षा कर रही है, इसके लिए एक महीने का समय चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार को 19 दिसंबर को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC