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शिक्षक बनने के लिए जरूरी होगी रेगुलर पीएचडी डिग्री

शिक्षक बनने के लिए जरूरी होगी रेगुलर पीएचडी डिग्री:-
नई दिल्ली। शिक्षक बनने के लिए अब सिर्फ रेगुलर पीएचडी ही मान्य होंगी। दूरस्थ शिक्षा के तहत पीएचडी की डिग्री शिक्षक बनने के लिए मान्य नहीं यानी जाएगी । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पीएचडी व एम फिल में नए नियम इसी सत्र से लागू कर दिए हैं।
नए नियम में महिलाओं को पीएचडी की पढाई पूरी करने के लिए विश्वविद्यालय बदलने की छुट होगी। इसके अलावा उन्हें मातृत्व अवकाश के लिए 240 दिन मिलेंगे इसकी अधिसूचना यूजीसी ने मंगलवार को जारी की ।
अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक शिक्षक बनने के लिए कोई भी (रेगुलर और दूरस्थ) पीएचडी मान्य थी। शिक्षा की गुगवित्ता बढाने के उदृदेश्य से अब शिक्षक बनने के लिए सिर्फ नियमित पीएचडी ही मान्य होगी । वहीं महिलाओं व 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग को एम फिल में एक वर्ष और पीएचडी में दो वर्ष अतिरिक्त समय मिलेगा । इसके अलावा पीएचडी स्कलिर्स महिलाएं अपनी मजी से विश्वविद्यालय बदल सकती हैं। उनकी रिसर्च भी उसी विधि में भेज दी जाएगी।

इसके अलावा, पीएचडी थीसिस का मूल्याकंन कम से कम दो बहिरी जांच कर्ताओं द्वारा होना जरुरी होगा । नए नियम के मुताबिक, उम्मीदवार के दो शोध पत्र प्रवाहित होने चाहिए; इनमें से कम से कम एक उसके पीएचडी कार्यं से संदर्भित जमीन में प्रकाशित हुआ हो। इसके अलावा स्कलिसं को अपने पीएचडी कार्यं में से दो शोध पत्र सेमिनार या सम्मेलन में प्रस्तुत करने होंगे ।

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