; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

जेबीटी टीचर्स ने अनोखे ढंग से किया सरकार की लेटलतीफी का विरोध

पंचकूला, (संजय): हरियाणा में 9455 चयनित जेबीटी ने अनोखे ढंग से सरकार की लेटलतीफी का विरोध किया। दरअसल ज्वाइनिंग लैटर नहीं मिलने के विरोध में  हरियाणा के चयनित जे.बी.टी. टीचरों का महापड़ाव बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
जे.बी.टी. टीचर सरकार के खिलाफ विरोध के लिए रोज नए तरीके अपना रहे हैं। उन्होंने दूसरे दिन योगासन करके विरोध जताया था और तीसरे दिन डिप्टी डायरैक्टर को ज्ञापन सौंपा। बुधवार को चौथे दिन 21 जे.बी.टी. टीचरों ने मुंडन करवाकर विरोध जताया।
 

गौरतलब है कि चयनित जेबीटी की भर्ती प्रदेश की पूर्व सरकार की ओर से की गई थी। 30 मार्च, 2012 को कांग्रेस सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने 9870 जेबीटी की 322 दिन में भर्ती करने का आदेश दिया था, लेकिन यह भर्ती लगातार लटकती रही। इस भर्ती की चयन सूची जारी हुए 21 महीने हो चुके हैं। कांग्रेस की हुड्डा सरकार के कार्यकाल में भर्ती हुए 9870 जे.बी.टी. टीचरों का परिणाम 14 अगस्त 2014 को जारी हुआ था लेकिन रिजल्ट के 20 महीने बाद भी उन्हें ज्वाइनिंग लैटर नहीं मिले। फिर प्रदेश की मौजूदा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चयनित जेबीटी को 29 मार्च, 2015 को 77 दिन में नियुक्ति का वादा किया था। लेकिन वो वादा भी अधूरा रह गया। 31 मार्च 2016 को कोर्ट की एकल बैंच ने रोक भी हटा दी थी लेकिन सरकार ने ज्वाइनिंग लैटर नहीं जारी किए। शिक्षा विभाग भी दो बार हाईकोर्ट में हलफनामा देकर बता चुका है कि हरियाणा के स्कूलों में लगभग 16000 पद रिक्त हैं।
Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news