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हरियाणा : HTET के जैमर ने दिया झटका, 1.20 करोड़ का फटका

हरियाणा में अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) के परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए जैमर ने सरकार को बड़ा झटका दिया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित HTET परीक्षा में नकल पर रोक लगाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। इन्हीं जैमर के खर्चे पर अब शिक्षा बोर्ड बुरी तरह फंसा है।
हाल ही में एक आरटीआई सामने आई है, जिसके बाद बोर्ड पर एक करोड़ 20 लाख रुपये का घपला करने का आरोप लग रहा है। आरटीआई के मुताबिक, साल 2015 में आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा में चार लाख, 16 हजार 474 विद्यार्थी उपस्थित हुए थे।

परीक्षा के आयोजन के लिए प्रदेश भर में 635 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के दौरान केंद्रों के पास रेडियो फ्रीक्वेंसी रोकने के लिए जैमर लगाए गए थे। जिस फर्म से जैमर लगाने के लिए अनुबंध किया गया, उसने प्रति विद्यार्थी और प्रति परीक्षा केंद्र के आधार पर रेट दिए थे। फर्म ने 66 रुपये प्रति परीक्षार्थी या 24,500 रुपये प्रति परीक्षा केंद्र के रेट दिए। लेकिन बोर्ड की ओर से प्रति परीक्षार्थी के आधार पर अनुबंध किया गया। अगर प्रति परीक्षा केंद्र के आधार पर अनुबंध किया जाता तो बोर्ड को 635 परीक्षा केंद्रों के लिए एक करोड़, 55 लाख, 57 हजार 500 रुपये का भुगतान करना पड़ता, जबकि प्रति परीक्षार्थी के आधार पर यह राशि 2 करोड़, 74 लाख, 87 हजार 284 रुपये बनती है। इस हिसाब से बोर्ड को करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये का फटका लग गया।

इसके अलावा परीक्षा के दौरान फिंगरप्रिंट का भी अनुबंध किया गया था। जैमर लगाने में हुए घोटाले से फिंगर प्रिंट के अनुबंध में भी घोटाला होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

दिल्ली की फर्म के साथ अनुबंध जैमर लगाने के कार्य में निजी फर्म के साथ अनुबंध पर सवाल खड़े हुए हैं। केंद्र सरकार की जॉइंट सेक्रेटरी आरती भटनागर की ओर से निर्देश जारी किए गए थे कि बोर्ड से संबंधित परीक्षाओं में जैमर लगाने के अनुबंध के लिए मैसर्स ईसीआईएल और मैसर्स बीईएल ही वैध हैं। जबकि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जैमर लगाने के लिए दिल्ली की फर्म इनोवेटीव्यू के साथ जैमर लगाने का अनुबंध किया।

एक करोड़ 20 लाख रुपये बड़ी रकम है। इतनी ज्यादा धनराशि को गलत तरीके से प्रयोग किया जाना बड़ी लापरवाही है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. जंगबीर, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 

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