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कंबोज ने फिर उठाया डेपुटेशन पर आए टीचर्स का मुद्दा

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : जब तक ओवर स्टे हो चुके डेपुटेशन अध्यापकों को वापस उनके स्टेट में नहीं भेजा जाता ह,ै उस समय तक डेपुटेशन के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। यह कहना है यूटी कैडर एजुकेशन यूनियन के प्रेसिडेंट सवर्ण सिंह कंबोज का। कंबोज ने नवनियुक्त एमएचआरडी मंत्री प्रकाश जावडे़कर को पत्र लिखकर डेपुटेशन के मुद्दे को एक बार फिर से उठाया है।
एमएचआरडी को लिखे पत्र में कंबोज ने कहा कि लंबे समय से डेपुटेशन पर आए लोग वापस जाने के बजाय शहर के स्कूलों में ही प्रमोशन ले रहे हैं। यह प्रमोशन यूटी कैडर के अध्यापकों के लिए घातक है क्योंकि उनके प्रमोट होने के कारण यूटी कैडर के अध्यापकों की प्रमोशन की बारी नहीं आती। कंबोज के लिखे पत्र में कहा कि सैकड़ों अध्यापक ऐसे हैं, जो कि शहर में तीन सालों के लिए आए लेकिन वापस जाने के उलट 25 से 30 सालों तक एक ही स्कूल में डटे रहे हैं।
विभाग को कार्रवाई करने की अपील

कंबोज ने कहा कि अब समय आ गया है कि शिक्षा विभाग और एमएचआरडी दोनों ही डेपुटेशन के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करें ताकि यूटी कैडर के अध्यापकों को लाभ मिल सके । उन्होंने कहा कि इन अध्यापकों के कारण न तो डेपुटेशन पर कोई नया व्यक्ति अप्लाई कर सकता है और न ही शिक्षा विभाग इनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई कर पाता है क्योंकि इतने लंबे समय से रहते हुए इनके रिश्ते ऐसे लोगों से बन चुके होते है कि इनकी अप्रोच के कारण इन्हें हटा पाना असंभव है।
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