जागरण संवाददाता, करनाल चयनित जेबीटी संघर्ष समिति के बैनर तले चयनित जेबीटी टीचर्स ने वादा
निभाओ महारैली के तहत रथ यात्रा निकाली। सुबह 11 बजे अनाज मंडी में पहुंचे
जेबीटी टीचर्स ने धरना दिया। प्रदेशभर से करीब ढाई हजार की संख्या में
पहुंचे टीचर्स अनाज मंडी में एकत्रित हुए।
दोपहर दो बजे तक चले भाषणों के दौर के बाद टीचर्स की सीएम कैंप आफिस में ज्ञापन देने की रणनीति बनाई। इस रणनीति के तहत जीटी रोड से होते हुए सीएम कैंप आफिस जाने की ठानी, लेकिन तैनात किए गए भारी पुलिस बल ने उनकी सारी प्ला¨नग को ध्वस्त कर दिया। जैसे ही वह जीटी रोड की तरफ से बढ़ने लगे तो पुलिस बल ने बेरिकेड्स लगाकर उनका रास्ता रोक लिया। इसी बीच टीचर्स ने रास्ता बदलने की कोशिश लेकिन पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया। शहर के अंदर दाखिल होने वाले सभी रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ढिलाई नहीं बरती गई। मामले को सुलझाने के लिए जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक बात सिरे नहीं चढ़ पाई। जिला प्रशासन की ओर से बीडीपीओ नरेश शर्मा व तहसीलदार शामलाल को भेजा गया। उन्होंने टीचर्स को काफी समझाने का प्रयास किया। काफी देर के बाद वह माने। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर उन्हें ज्वाइन करने को कहा है।
77 दिन में नियुक्ति का नहीं निभाया वादा
चयनित जेबीटी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 29 मार्च 2015 को 77 दिन में ज्वाइ¨नग का वादा किया था। उन्होंने कहा कि हमारी भर्ती का परिणाम जारी हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन हमें अभी तक नियुक्ति नहीं मिली है। प्रदेश संयोजक राजेंद्र यादव ने कहा कि नियुक्ति नहीं मिलने के कारण प्रदेश के 12731 चयनित जेबीटी टीचर आर्थिक तथा मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसी कारण संघर्ष समिति बनाकर रोष स्वरूप एक जुलाई से सिरसा से नियुक्ति रथयात्रा की, जिसका रविवार को करनाल में समापन किया गया है। इस अवसर पर चयनित जेबीटी टीचर्स के समर्थन में राजकीय प्राथमिक अध्यापक संघ उतरी। राजेंद्र यादव ने कहा कि 30 मार्च 2011 को हाईकोर्ट ने नियमित भर्ती पूरी करने का आदेश दिया था। लेकिन पांच वर्ष बीत जाने पर भी भर्ती पूरी नहीं हुई। भर्ती की चयन सूची जारी हुए दो साल बीत गए हैं। हाईकोर्ट की एकल बैंच ने 31 मार्च 2016 को इस भर्ती को हरी झंडी दी थी। इसक बावजूद 42 दिनों तक शिक्षा विभाग व हरियाणा सरकार ने नियुक्ति के लिए कोई कदम नहीं उठाया। 11 मई 2016 को हाईकोर्ट की डबल बैंच ने नियुक्ति पर फिर रोक लगा दी। अब कौरे आश्वासनों के भरोसे चयनित जेबीटी टीचर्स नहीं बैठेंगे।
19 जुलाई को मिलेंगे मुख्यमंत्री से
जिला प्रशासन ने मामले को सुलझाते हुए डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल से जेबीटी टीचर्स के प्रतिनिधिमंडल को 19 जुलाई का समय दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल उनकी समस्या का समाधान करेंगे। प्रदेश संयोजक राजेंद्र यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए 11 सदस्यीय दल चंडीगढ़ जाएगा। जहां पर चयनित जेबीटी टीचर्स की ज्वाइ¨नग को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बैठक में सकारात्मक परिणाम निकलकर सामने आएंगे।
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दोपहर दो बजे तक चले भाषणों के दौर के बाद टीचर्स की सीएम कैंप आफिस में ज्ञापन देने की रणनीति बनाई। इस रणनीति के तहत जीटी रोड से होते हुए सीएम कैंप आफिस जाने की ठानी, लेकिन तैनात किए गए भारी पुलिस बल ने उनकी सारी प्ला¨नग को ध्वस्त कर दिया। जैसे ही वह जीटी रोड की तरफ से बढ़ने लगे तो पुलिस बल ने बेरिकेड्स लगाकर उनका रास्ता रोक लिया। इसी बीच टीचर्स ने रास्ता बदलने की कोशिश लेकिन पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया। शहर के अंदर दाखिल होने वाले सभी रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ढिलाई नहीं बरती गई। मामले को सुलझाने के लिए जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक बात सिरे नहीं चढ़ पाई। जिला प्रशासन की ओर से बीडीपीओ नरेश शर्मा व तहसीलदार शामलाल को भेजा गया। उन्होंने टीचर्स को काफी समझाने का प्रयास किया। काफी देर के बाद वह माने। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर उन्हें ज्वाइन करने को कहा है।
77 दिन में नियुक्ति का नहीं निभाया वादा
चयनित जेबीटी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 29 मार्च 2015 को 77 दिन में ज्वाइ¨नग का वादा किया था। उन्होंने कहा कि हमारी भर्ती का परिणाम जारी हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन हमें अभी तक नियुक्ति नहीं मिली है। प्रदेश संयोजक राजेंद्र यादव ने कहा कि नियुक्ति नहीं मिलने के कारण प्रदेश के 12731 चयनित जेबीटी टीचर आर्थिक तथा मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसी कारण संघर्ष समिति बनाकर रोष स्वरूप एक जुलाई से सिरसा से नियुक्ति रथयात्रा की, जिसका रविवार को करनाल में समापन किया गया है। इस अवसर पर चयनित जेबीटी टीचर्स के समर्थन में राजकीय प्राथमिक अध्यापक संघ उतरी। राजेंद्र यादव ने कहा कि 30 मार्च 2011 को हाईकोर्ट ने नियमित भर्ती पूरी करने का आदेश दिया था। लेकिन पांच वर्ष बीत जाने पर भी भर्ती पूरी नहीं हुई। भर्ती की चयन सूची जारी हुए दो साल बीत गए हैं। हाईकोर्ट की एकल बैंच ने 31 मार्च 2016 को इस भर्ती को हरी झंडी दी थी। इसक बावजूद 42 दिनों तक शिक्षा विभाग व हरियाणा सरकार ने नियुक्ति के लिए कोई कदम नहीं उठाया। 11 मई 2016 को हाईकोर्ट की डबल बैंच ने नियुक्ति पर फिर रोक लगा दी। अब कौरे आश्वासनों के भरोसे चयनित जेबीटी टीचर्स नहीं बैठेंगे।
19 जुलाई को मिलेंगे मुख्यमंत्री से
जिला प्रशासन ने मामले को सुलझाते हुए डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल से जेबीटी टीचर्स के प्रतिनिधिमंडल को 19 जुलाई का समय दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल उनकी समस्या का समाधान करेंगे। प्रदेश संयोजक राजेंद्र यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए 11 सदस्यीय दल चंडीगढ़ जाएगा। जहां पर चयनित जेबीटी टीचर्स की ज्वाइ¨नग को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बैठक में सकारात्मक परिणाम निकलकर सामने आएंगे।
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