; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

कंप्यूटर शिक्षकों ने फिर भरी हुंकार, शिक्षा सदन घेरा, प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुई टीचर

जेएनएन, पंचकूला। प्रदेश के करीब 2600 कंप्यूटर टीचर्स नौकरी बहाली की मांग को लेकर एक बार फिर से सड़कों पर आ गए हैैं। सोमवार को एक बार फिर से प्रदेश के कंप्यूटर टीचर्स ने आंदोलन छेड़ते हुए शिक्षा सदन का घेराव किया। इस दौरान एक टीचर बेहोश हो गई, जिसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।


बता दें, है प्रदेश में राजकीय स्कूलों में तकनीकि शिक्षा देने के लिए अनुबंध के आधार पर लगे कंप्यूटर शिक्षकों का अनुबंध 31 मई को समाप्त हो चुका है। ऐसे में प्रदेशभर में करीब 2600 कंप्यूटर शिक्षक एक बार फिर से अपनी नौकरी खो चुके हैं। सरकार द्वारा इन शिक्षकों का अनुबंध बढ़ाने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, दूसरी ओर शिक्षा विभाग के आलाधिकारी भी मामले पर चुप्पी साधे हैैं।

प्रदर्शन के दौरान बेहोश होकर गिरी महिला।

पिछले वर्ष कंप्यूटर टीचर्स के लगातार आठ महीने के आंदोलन के बाद सितंबर 2015 में सरकार ने इन शिक्षकों को अनुबंध के आधार पर मार्च 2016 तक नौकरी पर रखा था, साथ ही सरकार ने इन शिक्षकों को हटाकर नए शिक्षक लगाने के लिए मार्च में 3336 पदों के लिए नई भर्ती भी जारी कर दी। भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण बाद में सरकार ने शिक्षकों का अनुबंध 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया, मगर एक बार फिर शिक्षकों का अनुबंध समाप्त हो चुका है और साथ ही नई भर्ती प्रक्रिया भी अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।

पढें : पाक पीएम नवाज शरीफ के खिलाफ अंबाला की अदालत में याचिका


नई भर्ती प्रक्रिया को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है जिसमें हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को रोकते हुए शिक्षकों के अनुबंध का फैसला सरकार पर छोड़ा हुआ है। शिक्षकों के भविष्य को लेकर न ही सरकार कोई फैसला ले रही और न अधिकारी कोई जवाब दे रहे।

स्कूलों में डिजिटल हरियाणा पड़ा ठप

जहां एक तरफ केंद्र में मोदी सरकार डिजिटल इंडिया को लेकर दिन रात एक किए हैं, वहीं हरियाणा की मनोहर सरकार बिना टीचर्स के ही प्रदेश को डिजिटल बनाने के सपने देख रही है। इस समय प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में सभी कंप्यूटर लैब बंद पड़ी हुई हैं। यह पहली बार नहीं हुआ कि प्रदेश में कंप्यूटर टीचर्स सड़क पर आए हों। इससे पहले पिछले वर्ष पंचकूला में इन टीचर्स के आंदोलन को भला कौन भूल सकता है। सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा देने के लिए इन टीचर्स की नियुक्ति वर्ष 2013 में हुई थी मगर केवल मात्र तीन वर्षों में तीन बार इन शिक्षकों को नौकरी से बाहर किया जा चुका है।

प्रदर्शन करते कंप्यूटर शिक्षक।

नई भर्ती प्रक्रिया पर हाई कोर्ट की रोक

सरकार द्वारा अनुबंध के टीचर्स को हटाकर फिर से अनुबंध के आधार पर भर्ती करने के मामले में हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए नई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। पंकज कुमार व अन्य के नाम से लगाई गई याचिका में प्रदेश सरकार पर अनुबंध के कर्मचारी को दूसरे अनुबंध के कर्मचारी से बदलने का आरोप लगाया गया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील पर नई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है जिसकी अगली सुनवाई 15 नवम्बर को होनी है।
प्रदेश के कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रेस प्रवक्ता सुरेश नैन का कहना है जब सरकार के पास अनुबंध पर कार्य करने के लिए पहले से ही टीचर्स मौजूद हैं। इसके बावजूद सरकार कानूनी रूप से ऐसे कर्मचारियों को बदलने का असफल प्रयास कर रही है ढ्ढ उन्होंने बताया माननीय न्यायालय का फैसला सर्वमान्य होगा मगर जब तक कोर्ट से फैसला नहीं आता तब तक सरकार टीचर्स का अनुबंध बढ़ाए।

पढ़ें : एयरपोर्ट पर दिखे 6 संदिग्ध, चौकसी बढ़ी, अधिकारी बोले- अफवाह
बढ़ सकती है टकराव की स्थिति

बार-बार नौकरी से निकाले जाने से खफा प्रदेश के कंप्यूटर टीचर्स और सरकार में एक बार फिर से टकराव बढऩे के आसार नजर आने लगे हैं, हालाकि संघ के प्रधान बलराम धीमान का कहना है जब भर्ती पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। हो सकता है कानूनी पचड़े की वजह से भर्ती प्रक्रिया लम्बे समय तक लटक सकती है तो ऐसे में बच्चों को शिक्षा से दूर रखना सरकार की बेवजह की जिद्द होगी। धीमान का कहना है फिलहाल जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता तब तक वर्तमान में कार्य कर रहे टीचर्स से काम चलाया जा सकता है, सरकार के पास शिक्षक है और काम करने को भी तैयार है फिर भी अगर सरकार हल नहीं निकाल पाती तो ये सरकार की बड़ी नाकामी होगी।

सरकार की हां अधिकारियों की ना में उलझे

कंप्यूटर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने बताया कि सरकार अनुबंध के आधार पर कार्यरत शिक्षकों को हटाकर फिर से अनुबंध पर आधारित भर्ती करने का असफल प्रयास कर रही है। नई भर्ती को टीचर्स द्वारा पहले ही न्यायालय में चुनौती दी चुकी है। धीमान का कहना है जब तक न्यायालय से फैसला नहीं आ जाता तब तक पूर्व कार्यरत टीचर्स के अनुबंध को बढ़ाकर सरकार काम चला सकती है इस माँग को लेकर संघ कई बार सरकार और अधिकारियों से बातचीत भी कर चुका है। जहां सरकार अनुबंध बढाने की बात कर रही है वहीँ विभाग के अधिकारी मना कर रहे हैं। जिससे शिक्षकों में गहरा रोष है।
Sponsored link : सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news