फरीदाबाद.सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक के छात्र जमीन
पर बैठकर पढ़ाई नहीं करेंगे। इनके लिए ड्यूल डेस्क की व्यवस्था की जाएगी।
इसकी तैयारी शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। एक साल पहले इन कक्षाओं में
करीब 20 हजार 242 ड्यूल डेस्क की आवश्यकता थी। अब नए सिरे से हेड टीचरों से
उनके यहां छात्रों की संख्या के अनुसार डेस्क की आवश्यकता की सूची मांगी
गई है। इसकी तैयारी में हेड टीचर जुट गए हैं।
शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार किस कक्षा में कितने डेस्क की जरूरत होगी। इस संबंध में हेड टीचर विभाग को अवगत कराएंगे। ताकि आवश्यकता अनुसार डाक भेजा जा सके। हेड टीचर अपने यहां ड्यूल डेस्क की आवश्यकताओं की सूची तैयार कर रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि प्रदेश में छात्र नीचे बैठकर पढ़ाई नहीं करेंगे। पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में ज्यादातर छात्र नीचे बैठकर ही गर्मी, सर्दी व बारिश के दिनों में पढ़ाई करते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। जिले के सरकारी स्कूलों से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की गई है।
स्कूल में कमरे नहीं होने से खुले में पढ़ते हैं छात्र
प्राइमरी स्कूल में कमरों की संख्या नहीं होने से छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ते हैं। नॉर्म्स के अनुसार एक सेक्शन में 40 छात्र होने पर एक कमरे की आवश्यकता होती है। लेकिन जिले में दर्जनों ऐसे स्कूल हैं। जहां कमरों की संख्या कम है। वहां खुले में पढ़ाई होती है। इस वजह से बारिश आदि होने पर कक्षाएं नहीं लगती हैं।
ड्यूल डेस्क की जरूरत
पहली से दूसरी कक्षा7204
तीसरी से पांचवीं10716
छठी से आठवीं2332
(इसमें बदलाव संभव है। यह आंकड़ा एक साल पहले का है। फिर से छात्रों की संख्या के अनुसार डिमांड मांगी गई है।)
पहली से दूसरी कक्षा7204
तीसरी से पांचवीं10716
छठी से आठवीं2332
(इसमें बदलाव संभव है। यह आंकड़ा एक साल पहले का है। फिर से छात्रों की संख्या के अनुसार डिमांड मांगी गई है।)
जिले में प्राइमरी स्कूलों की संख्या 241
सीनियर सेकेंडरी51
हाईस्कूल38
मिडिल स्कूल42
(करीब डेढ़ लाख छात्र करते हैं पढ़ाई)
Sponsored link :
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC
सीनियर सेकेंडरी51
हाईस्कूल38
मिडिल स्कूल42
(करीब डेढ़ लाख छात्र करते हैं पढ़ाई)