संवाद सहयोगी, कलायत: सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार अतिथि अध्यापकों
को एक बार फिर से स्कूलों में ज्वाइन करवा दिया गया है। स्कूलों में
नियुक्ति मिलने से जहां अतिथि अध्यापकों को रोजगार मिल गया है वहीं राजकीय
स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों व अभिभावकों के चेहरे खिल उठे हैं।