पानीपत. फतेहाबाद के गांव नागपुर के सीनियर सेकंडरी स्कूल में
34 शिक्षकों में से 20 पद खाली हैं। हाल ही में नौ अध्यापकों का तबादला भी
हो गया और स्कूल को मिला सिर्फ एक। अंग्रेजी के तो चार पदों पर एक भी
लेक्चरर नहीं है। ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में बच्चे पिछड़ न
जाएं, गांव की सरपंच दो माह से खुद 11वीं और 12वीं के लगभग 500
छात्र-छात्राओं को इंग्लिश पढ़ा रही हैं। यही नहीं, इंग्लिश व हिस्ट्री में
एमए, बीएड सुनीता बच्चों को अपने घर पर भी पूरा वक्त देती हैं। कोई भी
बच्चा जब चाहे, सरपंच से स्टडी से जुड़ा कुछ पूछ सकता है। 30 गांवों के बच्चों को पढ़ा रही है सुनीता....
-
छठी से 12वीं तक के इस स्कूल में 30 गांवों के करीब 1300 बच्चे पढ़ते हैं।
प्रिंसिपल विजय ने बताया कि स्कूल में 22 लेक्चरर्स में 9 ही कार्यरत हैं।
-
अंग्रेजी के अलावा मैथ, हिस्ट्री, इकॉनोमिक, हिंदी व पंजाबी के लेक्चरर्स
की कमी है। इस तरह छठी से 8वीं तक के 12 शिक्षकों में चार पद खाली हैं।
- 5-6 माह में 9 लेक्चरर्स ट्रांसफर हो चुके हैं, जबकि स्कूल को मात्र एक शिक्षक ज्योग्रॉफी का मिला।
-
शिक्षकों की कमी को लेकर सरपंच भी डीईओ से मिल चुकी हैं लेकिन जब कोई हल
नहीं निकला तो उन्हें खुद ही बच्चों की क्लास लेनी शुरू कर दी।
- 10वीं तक के बच्चों की इंग्लिश अन्य टीचर जैसे-तैसे पढ़ा लेते हैं, खास दिक्कत 11वीं और 12वीं के छात्रों को हो रही है।
जिला प्रशासन ने सुनीता को बनाया रोल मॉडल
- छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरपंच ने स्कूल के मुख्य गेट पर सीसीटीवी लगाए हैं।
- इन्हें अपने मोबाइल से कनेक्ट किया हुआ है ताकि स्कूल के बाहर असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके।
-
कहीं भी कुछ संदिग्ध पाया जाता है तो वह शिक्षकों को फोन पर सूचना देती
हैं। जिला प्रशासन ने सरपंच सुनीता को रोल मॉडल भी बनाया हुआ है।
-
वह स्कूलों में जाकर छात्राओं से मन की बात करती है। उनकी समस्याएं पूछती
हैं। छात्राओं को उनके अधिकार बताती हैं, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित
करती हैं।