शिक्षाविभाग के नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों की प्राथमिक मांग को पूरा
करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग
द्वारा घोषित किए जाने वाले पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा देने
वाले स्कूलों के लिए बजट आवंटन कर दिया गया है।
विभाग ने सोनीपत के लिए साढ़े सात लाख रुपए आवंटित किए हैं। प्रदेश स्तर पर यह राशि करीब साढ़े करोड़ रुपए शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई है।
विदित हो कि हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ की ओर से आगामी शैक्षणिक सत्र में दाखिले इसी शर्त पर करने के लिए विभाग को अल्टीमेटम दिया हुआ था कि अगर विभाग की ओर से स्कूलों के लिए राशि मिलेगी तभी वे विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा की ओर आगे कदम बढ़ाएंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियम 134-ए के तहत विद्यार्थियों को मुफ्त में पढ़ाने की एवज में शिक्षा विभाग ने कक्षा दूसरी से आठवीं तक के निजी स्कूलों को फीस के रूप में छह करोड़ 82 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। यह राशि शिक्षा सत्र 2015-16 के दौरान विद्यार्थियों को दाखिल करने की एवज में दी गई है। विदित हो कि दूसरी से आठवीं तक के 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई गई थी।
प्रावधान के अनुसार कक्षा दूसरी से पांचवीं के विद्यार्थी के लिए 300 रुपये प्रति विद्यार्थी जबकि 6वीं कक्षा से 8वीं तक के प्रति विद्यार्थी के हिसाब से 400 रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने अभी तक निजी स्कूलों को यह राशि आवंटित नहीं की थी। वहीं निजी स्कूल इस सत्र के लिए भी विभागीय कार्यालय में आवेदन कर चुके हैं।
विभाग के खाते में बजट अाने के बाद अब अगले सप्ताह से उसके आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें आवेदन प्रक्रिया के साथ जिन स्कूलों ने चेक नंबर दिए थे, उनके वहां आवेदन के आधार पर राशि भेजी जाएगी।
विभाग ने सोनीपत के लिए साढ़े सात लाख रुपए आवंटित किए हैं। प्रदेश स्तर पर यह राशि करीब साढ़े करोड़ रुपए शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई है।
विदित हो कि हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ की ओर से आगामी शैक्षणिक सत्र में दाखिले इसी शर्त पर करने के लिए विभाग को अल्टीमेटम दिया हुआ था कि अगर विभाग की ओर से स्कूलों के लिए राशि मिलेगी तभी वे विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा की ओर आगे कदम बढ़ाएंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियम 134-ए के तहत विद्यार्थियों को मुफ्त में पढ़ाने की एवज में शिक्षा विभाग ने कक्षा दूसरी से आठवीं तक के निजी स्कूलों को फीस के रूप में छह करोड़ 82 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। यह राशि शिक्षा सत्र 2015-16 के दौरान विद्यार्थियों को दाखिल करने की एवज में दी गई है। विदित हो कि दूसरी से आठवीं तक के 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई गई थी।
प्रावधान के अनुसार कक्षा दूसरी से पांचवीं के विद्यार्थी के लिए 300 रुपये प्रति विद्यार्थी जबकि 6वीं कक्षा से 8वीं तक के प्रति विद्यार्थी के हिसाब से 400 रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने अभी तक निजी स्कूलों को यह राशि आवंटित नहीं की थी। वहीं निजी स्कूल इस सत्र के लिए भी विभागीय कार्यालय में आवेदन कर चुके हैं।
विभाग के खाते में बजट अाने के बाद अब अगले सप्ताह से उसके आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें आवेदन प्रक्रिया के साथ जिन स्कूलों ने चेक नंबर दिए थे, उनके वहां आवेदन के आधार पर राशि भेजी जाएगी।