जेबीटी शिक्षकों की सूची जारी होने के बाद प्रदेश के जिला मौलिक शिक्षा
अधिकारी कार्यालयों में नवचयनित शिक्षकों को ज्वाइनिंग कराने की प्रक्रिया
शुक्रवार से शुरु हो चुकी है, लेकिन प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रो.
रामबिलास शर्मा के गृह जिले में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के अपने
कार्यालय से दूसरे दिन भी नदारद रहने से शनिवार शाम 5 बजे तक भी ज्वाइनिंग
की प्रक्रिया शुरु नहीं हो पाई है।
इसके चलते यहां ज्वाइनिंग के लिए 60 से 70 किलोमीटर दूर से आए 102 नव चयनित शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परेशान जेबीटी शिक्षकों ने शाम 4 बजे उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना देकर रोष जताया। बाद में उपायुक्त ने डीईओ मुकेश लावणिया से बात कर उन्हें डीईओ कार्यालय भेज कर देर शाम ज्वाइनिंग की प्रक्रिया शुरु करवाई। तब जाकर जेबीटी शिक्षकों ने राहत की सांस ली।
बता दें कि गुरुवार शाम को सरकार ने नव चयनित 7906 जेबीटी शिक्षकों की सूची जारी कर उन्हें ज्वाइनिंग के लिए अलग-अलग जिले अलॉट किए थे। ऐसे में लंबे समय से ज्वाइनिंग की बाट जोह रहे जेबीटी शिक्षक शुक्रवार सुबह 8 बजे ही संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में पहुंचने शुरु हो गए थे। शुक्रवार सुबह जिला महेंद्रगढ़ के मुख्यालय नारनौल के डीईओ कार्यालय पर भी जिला झज्जर, रेवाड़ी, भिवानी महेंद्रगढ़ से 102 जेबीटी शिक्षक पहुंचे थे, लेकिन शुक्रवार को डीईओ कार्यालय में किसी भी अधिकारी के पहुंचने पर देर शाम तक इंतजार करने के बाद वे शिक्षक वापस लौट गए थे।
शनिवार सुबह दोबारा सभी शिक्षक ज्वाइनिंग के लिए नारनौल डीईओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन यहां केवल सुपरिटेंडेंट के अलावा कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके चलते जेबीटी शिक्षकों ने शाम 4 बजे तक अधिकारियों के आने के इंतजार में डीईओ कार्यालय पर डटे रहे। इसके बाद भी जब कोई नहीं आया तो वे थक-हारकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे तथा धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे के बाद डीसी ने जेबीटी शिक्षकों की बात सुनने के बाद डीईओ से फोन कर उन्हें शिक्षकों को ज्वाइनिंग करने के निर्देश दिए। इसके बाद जेबीटी शिक्षकों को डीईओ कार्यालय भेज दिया। जहां डीईओ ने उनकी फाइल जमा करके ज्वाइनिंग की प्रक्रिया शुरु की। डीईओ मुकेश लावणिया ने कहा कि रविवार की छुट्टी है। इसलिए सोमवार को सभी चयनित शिक्षक जिला अस्पताल से अपने मेडिकल करा कर उनके पास जमा कराएं। इसके बाद उन्हें ज्वाइनिंग दी जाएगी।
नारनौल. बीईओकार्यालय में ज्वाइनिंग के लिए अधिकारी का इंतजार के बाद लघु सचिवालय में रोष जताते जेबीटी।
महेंद्रगढ़ | नवनियुक्तशिक्षकों को पांच वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देनी होगी। इन जेबीटी को सोमवार से विद्यालयों में भेज दिया जाएगा। यह बातें जयराम सदन में शनिवार देर शाम लोगों की समस्याएं सुनते हुए शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा अधिक फीस लेने की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने गांव खेड़की के दो दर्जन से अधिक महिला-पुरुषों पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा गांव में शराब का ठेका हटाने की मांग करते हुए शिक्षामंत्री से कहा कि अब तक उनके गांव में शराब का ठेका नहीं खुला है। लेकिन अब शराब का ठेका खोला गया है जिसके कारण ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। शिक्षामंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर जिला उपायुक्त को गांव से ठेका हटाने के आदेश दिए। इस अवसर पर विभिन्न गांवों से आए हुए लोगों ने बिजली, पानी संबंधी समस्या रखी जिस पर शिक्षामंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली-पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से की जाएगी। अधिकारी इसके लिए व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करें। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को तुरंत समस्याओं के समाधान के आदेश दिए। इस दौरान तमाम अधिकारी अन्य लोग मौजूद थे।
इसके चलते यहां ज्वाइनिंग के लिए 60 से 70 किलोमीटर दूर से आए 102 नव चयनित शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परेशान जेबीटी शिक्षकों ने शाम 4 बजे उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना देकर रोष जताया। बाद में उपायुक्त ने डीईओ मुकेश लावणिया से बात कर उन्हें डीईओ कार्यालय भेज कर देर शाम ज्वाइनिंग की प्रक्रिया शुरु करवाई। तब जाकर जेबीटी शिक्षकों ने राहत की सांस ली।
बता दें कि गुरुवार शाम को सरकार ने नव चयनित 7906 जेबीटी शिक्षकों की सूची जारी कर उन्हें ज्वाइनिंग के लिए अलग-अलग जिले अलॉट किए थे। ऐसे में लंबे समय से ज्वाइनिंग की बाट जोह रहे जेबीटी शिक्षक शुक्रवार सुबह 8 बजे ही संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में पहुंचने शुरु हो गए थे। शुक्रवार सुबह जिला महेंद्रगढ़ के मुख्यालय नारनौल के डीईओ कार्यालय पर भी जिला झज्जर, रेवाड़ी, भिवानी महेंद्रगढ़ से 102 जेबीटी शिक्षक पहुंचे थे, लेकिन शुक्रवार को डीईओ कार्यालय में किसी भी अधिकारी के पहुंचने पर देर शाम तक इंतजार करने के बाद वे शिक्षक वापस लौट गए थे।
शनिवार सुबह दोबारा सभी शिक्षक ज्वाइनिंग के लिए नारनौल डीईओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन यहां केवल सुपरिटेंडेंट के अलावा कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके चलते जेबीटी शिक्षकों ने शाम 4 बजे तक अधिकारियों के आने के इंतजार में डीईओ कार्यालय पर डटे रहे। इसके बाद भी जब कोई नहीं आया तो वे थक-हारकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे तथा धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे के बाद डीसी ने जेबीटी शिक्षकों की बात सुनने के बाद डीईओ से फोन कर उन्हें शिक्षकों को ज्वाइनिंग करने के निर्देश दिए। इसके बाद जेबीटी शिक्षकों को डीईओ कार्यालय भेज दिया। जहां डीईओ ने उनकी फाइल जमा करके ज्वाइनिंग की प्रक्रिया शुरु की। डीईओ मुकेश लावणिया ने कहा कि रविवार की छुट्टी है। इसलिए सोमवार को सभी चयनित शिक्षक जिला अस्पताल से अपने मेडिकल करा कर उनके पास जमा कराएं। इसके बाद उन्हें ज्वाइनिंग दी जाएगी।
नारनौल. बीईओकार्यालय में ज्वाइनिंग के लिए अधिकारी का इंतजार के बाद लघु सचिवालय में रोष जताते जेबीटी।
महेंद्रगढ़ | नवनियुक्तशिक्षकों को पांच वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देनी होगी। इन जेबीटी को सोमवार से विद्यालयों में भेज दिया जाएगा। यह बातें जयराम सदन में शनिवार देर शाम लोगों की समस्याएं सुनते हुए शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा अधिक फीस लेने की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने गांव खेड़की के दो दर्जन से अधिक महिला-पुरुषों पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा गांव में शराब का ठेका हटाने की मांग करते हुए शिक्षामंत्री से कहा कि अब तक उनके गांव में शराब का ठेका नहीं खुला है। लेकिन अब शराब का ठेका खोला गया है जिसके कारण ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। शिक्षामंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर जिला उपायुक्त को गांव से ठेका हटाने के आदेश दिए। इस अवसर पर विभिन्न गांवों से आए हुए लोगों ने बिजली, पानी संबंधी समस्या रखी जिस पर शिक्षामंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली-पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से की जाएगी। अधिकारी इसके लिए व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करें। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को तुरंत समस्याओं के समाधान के आदेश दिए। इस दौरान तमाम अधिकारी अन्य लोग मौजूद थे।