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दैनिक डायरी नहीं भरने वाले अध्यापकों पर होगी कार्रवाई

जागरण संवाददाता, सिरसा : दैनिक डायरी नहीं भरने वाले सरकारी स्कूलों के अध्यापकों पर अब शिक्षा विभाग कार्रवाई करने के मूड में हैं। मुख्यालय की ओर से नियमित रूप से डायरी भरने के निर्देशों के बावजूद भी कई अध्यापक इस कार्य में कोताही बरत रहे हैं।
इसलिए अब अधिकारियों ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यालय से आए आदेशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सभी स्कूल मुखियाओं से अध्यापकों की डायरी अपडेट रखवाने के निर्देश जारी किए हैं।
हालांकि स्कूलों में सत्र 2017-18 की दैनिक डायरी नहीं पहुंच पाई थी। मगर अब विभाग की ओर से सभी स्कूलों में 20 अगस्त तक नए सत्र की दैनिक डायरी उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यह भरना होता है डायरी में
सरकारी स्कूलों में अध्यापकों को पढ़ाई के साथ किस कक्षा में किस पीरियड में क्या पाठ पढ़ाया, इसका हिसाब भी अध्यापकों को लिखना होता है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक अध्यापक दैनिकी डायरी का वितरण करवाया है। नए सत्र की डायरी मिलने के बाद अध्यापकों को नियमित रूप से यह कार्य करना होगा। इसका उद्देश्य अध्यापकों द्वारा बच्चों को पढ़ाने वाले कार्य से है। दैनिक डायरी में प्रतिदिन पढ़ाने का लेखा-जोखा लिखा जाने से अध्यापक फरलो नहीं मार सकेंगे। अगर किसी अध्यापक ने अपनी दैनिकी में ठीक ढंग से काम नहीं लिखा तो उसके खिलाफ कार्रवाई तक हो सकती है।
::: अधिकारी करेंगे जांच
शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकारी स्कूलों में दैनिक डायरी को समय-समय पर चेक करेंगे। इसी के साथ ही वे अध्यापक की दैनिक डायरी और विद्यार्थियों के होमवर्क का मिलान भी करेंगे ताकि पता चल सके कि अध्यापक ने बच्चों को क्या पढ़ाया और अध्यापक ने अपनी दैनिक डायरी में क्या लिखा है। इसके अलावा बच्चों को ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में पेड़ पौधे लगाने, रोजाना अखबार पढ़ने, चार्ट बनाने तथा शिक्षा एवं इतिहास से संबंधित लेखन का काम भी दिया जाएगा।
::: ये भरना जरूरी
शिक्षा विभाग ने दैनिक पाठ योजना के तहत प्रत्येक अध्यापक को पहले पीरियड में क्या पढ़ाया और किस विषय का पीरियड था, वह भी लिखना होगा। इसके साथ साथ अध्यापक को यह भी बताना जरूरी है कि उसने किस विषय का पाठ बच्चों को पढ़ाया है। बच्चों को होम वर्क क्या दिया यह सब कुछ अपनी दैनिकी में लिखना होगा। इस दैनिकी को प्रतिदिन स्कूल का मुख्य अध्यापक या फिर प्राचार्य चेक करेंगे। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन पर आधारित छात्र प्रदर्शन का रिकार्ड भी रखना होगा। इसमें बच्चे की पढ़ाई के लिए उसने किस प्रोजेक्ट में रुचि ली, दर्शाना होगा ताकि पता चल सके कि अभिरुचि किस तरफ है। इसमें किस बच्चे ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भाग लिया तथा उसका विज्ञान एवं वातारण क्या है। उसकी रचनात्मक सोच के बारे में स्पष्ट तौर पर लिखा जाएगा ताकि जब विद्यार्थियों के अभिभावक स्कूल में जाकरं पूछने आएं तो उन्हें पूरी तरह से दैनिकी दिखाई जा सकेगी।
::: सरकारी स्कूलों में नए सत्र की दैनिक डायरी का वितरण शुरू कर दिया है। स्कूलों में अध्यापकों को दैनिक डायरी में सारी बातें भरनी होगी।

डॉ. यज्ञदत वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी

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