लोमेरिट जेबीटी ने शुक्रवार को फिर से सीएम सिटी में लघु सचिवालय के सामने
डेरा डाल लिया है। जॉइनिंग के एक महीने के बाद ही नौकरी से हटा दिए गए इन
जेबीटी ने कहा कि यह उनका आखिरी संघर्ष है।
वह सरकार से अपना हक लेकर रहेंगे। इस बार वे बिना जॉइनिंग लेटर लिए धरना समाप्त नहीं करेंगे। अब प्रतिदिन शिक्षकों के परिजन भी धरना स्थल पर पहुंचेंगे। राकेश जांगड़ा और मुकेश डिडवानिया ने कहा कि मेहनत और लगन के साथ शिक्षा ग्रहण के बाद शिक्षकों को जेबीटी की नौकरी मिली थी। शिक्षकों का सपना था कि वह हरियाणा के बच्चों का भविष्य संवारने के साथ-साथ अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगे। लेकिन सरकार ने एक महीने में ही शिक्षकों के सपनों को तोड़ दिया और उन्हें रोजी रोटी के भी लाले पड़ गए। शिक्षकों का कहना है कि अब किसी मंत्री, नेता, अधिकारी या जनप्रतिनिधि के झूठे आश्वासन के झांसे में नहीं आएंगे। शिक्षक अब भी कोई भी अप्रिय कदम उठा सकते हैं, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
धरने पर जेबीटी के परिजन भी हो रहे शामिल, कहा-झूठे आश्वासन के झांसे में नहीं आएंगे
वह सरकार से अपना हक लेकर रहेंगे। इस बार वे बिना जॉइनिंग लेटर लिए धरना समाप्त नहीं करेंगे। अब प्रतिदिन शिक्षकों के परिजन भी धरना स्थल पर पहुंचेंगे। राकेश जांगड़ा और मुकेश डिडवानिया ने कहा कि मेहनत और लगन के साथ शिक्षा ग्रहण के बाद शिक्षकों को जेबीटी की नौकरी मिली थी। शिक्षकों का सपना था कि वह हरियाणा के बच्चों का भविष्य संवारने के साथ-साथ अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगे। लेकिन सरकार ने एक महीने में ही शिक्षकों के सपनों को तोड़ दिया और उन्हें रोजी रोटी के भी लाले पड़ गए। शिक्षकों का कहना है कि अब किसी मंत्री, नेता, अधिकारी या जनप्रतिनिधि के झूठे आश्वासन के झांसे में नहीं आएंगे। शिक्षक अब भी कोई भी अप्रिय कदम उठा सकते हैं, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
धरने पर जेबीटी के परिजन भी हो रहे शामिल, कहा-झूठे आश्वासन के झांसे में नहीं आएंगे