चंडीगढ़, (संदीप) : शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में
जिला अदालत ने जांच कर रही स्पैशल इन्वैस्टिगेशन टीम (एस.आई.टी.) द्वारा
दायर की गई याचिका को मंजूर करते हुए शहर के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत
अध्यापक के अरैस्ट वारंट जारी किए हैं।
अदालत ने इस मामले में अध्यापक सुरेश कुमार के अरैस्ट वारंट जारी किए हैं।
एस.आई.टी. द्वारा दायर की गई याचिका में कहा था कि मूलरूप से हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला सुरेश कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। पुलिस के कई बार बुलाने के बावजूद भी वह जांच में शामिल नहीं हुआ। इस पर पुलिस ने उसके गांव में स्थित उसके घर पर भी कई बार दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला।
पुलिस का कहना है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा है। जांच टीम के मुताबिक आरोपी सुरेश ने ही कई कैंडीडेट को मुख्य आरोपी बृजेंद्र नैन से मिलवाया था और वहीं उन्हें लखनऊ लेकर गया था।
अदालत ने इस मामले में अध्यापक सुरेश कुमार के अरैस्ट वारंट जारी किए हैं।
एस.आई.टी. द्वारा दायर की गई याचिका में कहा था कि मूलरूप से हरियाणा के चरखी दादरी का रहने वाला सुरेश कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। पुलिस के कई बार बुलाने के बावजूद भी वह जांच में शामिल नहीं हुआ। इस पर पुलिस ने उसके गांव में स्थित उसके घर पर भी कई बार दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला।
पुलिस का कहना है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा है। जांच टीम के मुताबिक आरोपी सुरेश ने ही कई कैंडीडेट को मुख्य आरोपी बृजेंद्र नैन से मिलवाया था और वहीं उन्हें लखनऊ लेकर गया था।