जागरण संवाददाता, भिवानी: बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों पर हाई
कोर्ट ने सख्त रूख अख्तियार किया है। इसी मामले में सुनवाई के दौरान
हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को हाई कोर्ट ने नोटिस
जारी किया है।
19 जनवरी को भिवानी निवासी विजय कुमार की याचिका पर सुनवाई
करते हुए हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। हाई कोर्ट के आदेश में यह भी
स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त मुख्य 27 मार्च तक याचिका संख्या
सीडब्ल्यूपी 15225 आफ 2012 के अंतर्गत शिक्षा विभाग के एडीशनल चीफ
सेक्रेटरी ने हलफनामा दिया था कि हरियाणा प्रदेश के अंदर चल रहे सभी फर्जी
स्कूल (बिना मान्यता) को चार माह के अंदर बंद करा दिए जाएंगे। ये निजी
स्कूल हरियाणा स्कूली शिक्षा नियमावली 2011 का भी उल्लंघन कर रहे हैं। हाई
कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा है कि शिक्षा विभाग अपने ही पूर्व आदेशों की
अवहेलना करते हुए न्यायालय को भी गुमराह कर रहे हैं। पहले ही हाई कोर्ट में
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा न्यायालय में शपथ पत्र सितंबर
2012 में दाखिल कर यह सुनिश्चित किया गया था हरियाणा में जितने भी फर्जी
स्कूल हैं उन्हें चार माह के अंदर अंदर बंद करा दिया जाएगा। इसके बाद भी
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
न्यायालय के आदेशों के बाद एक बार फिर शिक्षा विभाग में हड़कंप का माहौल बना
हुआ है। हाई कोर्ट ने 27 मार्च तक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को
नोटिस जारी करते हुए यह आदेश दिए है कि या तो इन विद्यालयों को पूर्ण रूप
से बंद कराए या फिर न्यायालय की अवमानना पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।