चंडीगढ़ के प्राइवेट स्कूलों में इस सत्र से पंजाब फीस रेगुलेशन एक्ट लागू
नहीं होगा। इस कारण अभिभावकों को स्कूलों की ओर से तय फीस ही देनी होगी।
शिक्षा विभाग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस एक्ट को लागू करने के
लिए प्रपोजल भेजा है। इसकी अनुमति एमएचआरडी की ओर से नहीं दी गई है।
इस कारण शहर के 76 प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों को इस बार नए सत्र से 10
फीसदी अधिक फीस देनी होगी। 15 से 25 जनवरी तक प्राइवेट स्कूलों में ड्रा
निकलेगा। इसके बाद फरवरी में जमा होने वाली 10 से 15 फीसदी अधिक फीस
प्राइवेट स्कूलों को देनी होगी। शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की फीस तय
करने में फेल हो गया है।
अभिभावकों को अधिक फीस देने के बाद भी इनकी कोई सुनवाई शिक्षा विभाग की ओर
से नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग और इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन की बीच
मीटिंग हुई है। इसमें स्कूलों ने अपनी मर्जी से 10 से 15 फीसदी फीस बढ़ा दी
है। चंडीगढ़ का नियम नहीं होने के कारण फीस बढ़ोतरी पर कोई रोक नहीं
लगेगा।
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए हमने पंजाब फीस रेगुलेशन
एक्ट को चंडीगढ़ में लागू करने के लिए एमएचआरडी प्रपोजल भेजा है। अगर यह
मंजूर हो जाएगा तो प्राइवेट स्कूलों की फीस शिक्षा विभाग की ओर से तय की
जाएगी। अगर कोई स्कूल फिर अधिक फीस लेगा तो उस पर शिक्षा विभाग की ओर से
सख्त कार्रवाई की जाएगी।