पंजाब सरकार द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 8 दिसंबर को आयोजित परीक्षा में अकाली दल के धरने के कारण कई आवेदक परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए और परीक्षा देने से वंचित रह गए। अब उनके मामले में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि इस धरना -प्रदर्शन के कारण जो परीक्षा नहीं दे पाए हैं उनके लिए क्या सरकार दोबारा परीक्षा आयोजित कर सकती है। इस मामले में 2 फरवरी को सरकार को अपना जवाब देना होगा।
अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पहले हाईकोर्ट परीक्षा के परिणाम घोषित करने पर रोक लगा चुका है। एडवोकेट बलतेज सिंह सिद्घू ने अलग-अलग याचिककार्ताओं की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया गया है कि पंजाब में 8 दिसंबर को शिक्षकों की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा परीक्षा ली जानी थी। म्यूनिसिपल चुनाव के चलते अकाली दल ने परीक्षा की तारीख के दिन सड़कें ब्लॉक कर धरना प्रदर्शन किया था।
यह परीक्षा गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर द्वारा करवाई जा रही थी। परीक्षा के दिन रोड ब्लॉक होने के चलते मुक्तसर, बठिंडा, मोगा आदि क्षेत्र के आवेदक परीक्षा के लिए नहीं पहुंच सके। अब याचिककर्ताओं ने याचिका में कहा है कि वे परीक्षा देना चाहते थे परंतु इन कारणों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंच ही नहीं सके। जिस पर उनका कोई कंट्रोल नहीं था। याची ने अखबारों में प्रकाशित समाचारों की प्रति कोर्ट में सौंपी, जिसमें दिखाया गया था कि प्रदर्शनकारियों ने रोड किस तरह ब्लॉक किए थे।