जागरण संवाददाता, झज्जर : राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के वरिष्ठ
उपप्रधान सोनू शर्मा ने जिला कार्यकारिणी झज्जर व जिले के सभी पांच खंडों
के प्रधानों की सामूहिक बैठक ली और 25 फरवरी को करनाल में होने वाली शिक्षक
आक्रोश रैली के लिए रणनीति तैयार की।
बैठक का संचालन जिला महासचिव रमेश
दहिया ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान सुधीर दलाल ने कहा कि रैली में
भाग लेने के लिए जिले के सभी प्राथमिक शिक्षकों को प्रेरित करें और झज्जर
जिले से ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्राथमिक शिक्षक साथी इस रैली में
अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। ताकि प्रदेश स्तर पर जिले को एक नयी पहचान
मिल सके। यह आक्रोश रैली प्राथमिक शिक्षकों के अधिकारों के लिए है। सभी खंड
प्रधानों ने जिला कार्यकारिणी को आश्वस्त किया कि झज्जर जिले से सैकड़ों की
संख्या में प्राथमिक शिक्षक इस रैली में भाग लेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए सोनू शर्मा ने कहा कि हमारी एकजुटता ही हमारी
शक्ति है। संगठन का प्रत्येक पदाधिकारी अपने साथ पांच प्राथमिक शिक्षकों
को जोड़े। इससे संगठन में सदस्यता भी बढे़गी और पदाधिकारियों की सक्रियता भी
बढेगी। हम सबने मिलकर सार्वजनिक शिक्षा को बचाना है। यह रैली केवल
अधिकारों के लिए नहीं है, बल्कि सरकार प्राथमिक शिक्षकों को सही तरीके से
पढाने भी नहीं दे रही। शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लिया जा रहा है जोकि
शिक्षकों के साथ साथ छात्रों के साथ भी अन्याय है। इसके खिलाफ स्कूल
प्रबंधन समितियों को भी आवाज उठानी चाहिए। जब शिक्षकों को गैर शैक्षणिक
कार्यों से मुक्ति मिलेगी तो वह कक्षा कक्ष में अधिक समय दे सकेगा जिससे
परिणाम अच्छे आएंगे। परिणाम अच्छे आएंगे तो छात्र संख्या बढेगी और छात्र
कामयाबी की राह पकड़ेंगे। छात्र संख्या बढेगी तो रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सरकार को पुरानी पैंशन बहाल करनी चाहिए। शिक्षा विभाग को जेबीटी पद से
जल्द से जल्द सभी पदोन्नतियां सूचि जारी करनी चाहिएं। ऐनीवेयर और अंतर्जिला
तबादला की मांग भी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। अब सरकार का मकसद क्या
है यह तो पता नहीं लेकिन इतना तय है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो परिणाम
अच्छे नहीं होंगे।
इस अवसर पर जिला संरक्षक संजय यादव, जिला उपप्रधान मनोज कुमार,
बहादुरगढ प्रधान नरेन्द्र सांगवान, झज्जर प्रधान रामकरण अहलावत, मातनहेल
प्रधान राकेश लाम्बा, साल्हावास प्रधान प्रदीप कुमार व सचिल ललित कुमार जी
उपस्थित रहे।