संगरूर (रूपक): कम्प्यूटर अध्यापक यूनियन पंजाब के जिला
संगरूर के प्रदेश महासचिव रवीइन्द्र मंडेर और जिला प्रधान कुलदीप कौशल ने
एक प्रैस नोट जारी करते बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पहले से ही रैगुलर
तौर पर काम कर रहे कम्प्यूटर अध्यापक जिनका वेतन प्रति महीने 50 से 55 हजार
तक है, को शिक्षा विभाग में नई नियुक्ति के बहाने मूलभूत वेतन स्केल 10300
रुपए पर लाने की तैयारी की जा रही है।
वर्णनीय है कि कम्प्यूटर अध्यापकों को 2010 में हुए नोटीफि केशन अनुसार
कम्प्यूटर अध्यापकों की सेवाएं 1 जुलाई 2011 से वोकेशनल मास्टर के ग्रेड
समेत रैगुलर की जिसकेअंतर्गत नोटीफि केशन अनुसार कम्प्यूटर अध्यापकों पर
पंजाब सिविल सॢवस रूल्ज लागू किए गए थे। कम्प्यूटर अध्यापक जोकि पहले से ही
रैगुलर हैं और पंजाब सिविल सॢवस रूल्ज लागू करने की बजाय प्रदेश सरकार सब
समिति की सिफ ारिशों के अंतर्गत उनको प्राथमिक वेतन स्केल 10300 रुपए पर
लाने की तैयारी कर रही है।
गत 13 सालों से कम्प्यूटर अध्यापक पंजाब के सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं
निभा रहे हैं। अब काफी समय बीतने के बावजूद प्रदेश सरकार कम्प्यूटर
अध्यापकों की शिक्षा विभाग में नियुक्ति के बहाने 80 से 90 प्रतिशत वेतन पर
कटौती करने की तैयारी में है जिसका पंजाब के समूह कम्प्यूटर अध्यापक विरोध
करते हैं। सरकार खाली खजाने का हवाला देकर कम्प्यूटर अध्यापकों के साथ एक
भद्दा मजाक कर रही है। कम्प्यूटर अध्यापकों की एकमात्र मांग है कि पंजाब के
समूह कम्प्यूटर अध्यापकों को बिना किसी शर्त पर शिक्षा विभाग में मौजूदा
वेतन समेत मर्ज किया जाए। इसके अलावा और कोई भी फै सलों का कम्प्यूटर
अध्यापक विरोध करते हैं जिसके अंतर्गत 6 मार्च से प्रदेश स्तरीय रोष
रैलियां की जाएंगी।