; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

छठी से 12वीं तक 68 हजार विद्यार्थियों पर 3285 अध्यापक अभी 2818 शिक्षक, 1021 लेक्चरर व 918 मास्टरों की जरूरत

क्वालिटी एजुकेशन की बात करने वाले शिक्षा विभाग की हालत यह है कि हायर सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 2,818 और शिक्षकों की जरूरत है। जिले में छठी से 12वीं तक 68 हजार 108 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए फिलहाल 3,285 शिक्षक स्कूलों में नियुक्त किए गए हैं।
जिले में कुल 748 सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के नियमानुसार कुल 8,012 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन इस समय 567 गेस्ट टीचर को मिलाकर 4,607 ही शिक्षक की नियुक्ति है। सबसे ज्यादा दिक्कत मिडल, हाई व सीनियर स्कूलों में बनी हुई है जहां हिंदी, अंग्रेजी से लेकर विभिन्न विषयों के पढ़ाने वाले शिक्षक ही नहीं हैं।

कई सरकारी स्कूलों तो ऐसे हैं जहां पिछला पूरा शैक्षणिक सत्र निकल गया लेकिन अभी तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर तो पड़ ही रहा है, सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयासों को भी झटका लग रहा है। क्योंकि विभिन्न विषयों के शिक्षक न होने के कारण अभिभावक चाहकर भी बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं करवा रहे।

जिले के सरकारी स्कूलों में कई विषयों के शिक्षक न होने से पढ़ाई हो रही है बाधित

लेक्चरर व मास्टरों की सबसे ज्यादा कमी

जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी 9वीं से 12वीं कक्षा को पढ़ाने वाले लेक्चरर की है। जिले में फिलहाल विभिन्न विषयों के 1450 लेक्चरर नियुक्त हैं। जबकि स्कूलों में छात्र संख्या को देखते हुए 1021 और लेक्चरर चाहिए। इसी तरह से मिडल व हाई स्कूलों में कुल 1797 शिक्षकों की कमी है। इनमें सबसे ज्यादा 918 मास्टरों की कमी है।

प्राइमरी स्कूलों में 91 जेबीटी सरप्लस

जिले में प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या है। प्राइमरी स्कूलों में कुल 54 हजार 538 विद्यार्थी हैं। विभाग के नियमानुसार इन बच्चों को पढ़ाने के लिए 1818 शिक्षक नियुक्त होने चाहिए लेकिन जेबीटी टीचर की पिछले दिनों हुई भर्ती के बाद जिले में कुल 1909 जेबीटी शिक्षक नियुक्त हैं।

डीईओ ने कहा- निदेशालय को भेजी जाती है डिमांड, विभाग ही करता है शिक्षकों की नियुक्ति

ये है शिक्षा विभाग का नियम

शिक्षा विभाग के नियमानुसार प्राइमरी में 30 बच्चों पर एक अध्यापक की नियुक्ति होनी चाहिए। छठी से लेकर 12वीं तक की कक्षा में 50 बच्चों तक एक सेक्शन होगा और 51 से अधिक होने पर दूसरा सेक्शन बनाया जाएगा। सेक्शन अनुसार ही अध्यापकों की नियुक्ति होगी।

शिक्षकों की कमी के बारे में कराया अवगत

जिले में जिन-जिन विषयों के शिक्षकों की कमी है। उसके बारे में समय-समय पर शिक्षा निदेशालय को डिमांड भेजी जाती है। विभाग द्वारा ही शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। यह सही है स्कूल में कई विषयों के शिक्षक के न होने से पढ़ाई पर असर पड़ता है।’-विजय लक्ष्मी, डीईओ जींद।

प्राइमरी विंग में विद्यार्थियों की संख्या की तुलना में 91 जूनियर बेसिक टीचर सरप्लस

जींद. शहर के एक राजकीय प्राइमरी स्कूल में लगी बच्चों की क्लास।

जिले में कुल कितने शिक्षक कार्यरत

कैटेगरी शिक्षकों की संख्या

जेबीटी 1621

जेबीटी हेड टीचर 116

सीएंडवी 797

मास्टर 587

मिडल हेड 163

जूनियर लेक्चरर 1205

हेडमास्टर 25

कैटेगरी शिक्षकों की संख्या

प्रिंसिपल 93

कुल 4607

गेस्ट टीचर 587

कुल शिक्षक 5194

स्वीकृत पद 8012

नोट- उक्त शिक्षकों का ब्योरा दिसंबर 2017 के अनुसार है।

प्राइमरी विंग में विद्यार्थियों-शिक्षकों की संख्या

स्कूल विद्यार्थियों की संख्या शिक्षकों की स्थिति चाहिए

प्राइमरी 432 54 हजार 538 1909 91 सरप्लस

मिडल 104 32 हजार 789 1835 1797

हाई व सीनियर 212 35 हजार 319 1450 1021

सत्र 2017-18 में किस कक्षा में कितने विद्यार्थी

कक्षा बच्चों की संख्या

पहली 9887

दूसरी 11529

तीसरी 11241

चौथी 10878

पांचवीं 11003

छठी 11060

सातवीं 10758

आठवीं 10971

नौवीं 10934

दसवीं 12808

11वीं 6311

12वीं 7966

कुल 1 लाख 25 हजार 346

नोट- जिले के सरकारी स्कूलों में उक्त छात्र संख्या शैक्षणिक सत्र 2017-18 की है।

UPTET news