राजकीय माॅडल संस्कृति स्कूल के बच्चों की नाजायज पिटाई के विरोध में कष्ट
निवारण समिति की बैठक में अभिभावकों की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू
हो गई है।
शुक्रवार को एसडीएम सुनील कुमार स्कूल में जांच के लिए पहुंचे।
उन्होंने शिक्षकों को नसीहत दी कि वे स्कूल को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं।
एसडीएम ने कहा कि जो शिक्षक दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ उचित विभागीय
कार्रवाई होगी। स्कूल में बच्चों को पास करने के लिए अभिभावकों से दो-दाे
हजार रुपए मांगने के भी अाराेप लगे थे।
शुक्रवार को राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में दसवीं कक्षा के बच्चों को
नाजायज तरीके से पीटने के मामले में एसडीएम सुनील कुमार, डीईओ जिले सिंह,
बीईओ उर्मिल ग्रेवाल स्कूल में जांच करने के लिए पहुंची। करीब ढाई घंटे तक
चली जांच में एसडीएम सुनील कुमार ने दसवीं कक्षा की छात्राओं के बयान लिए,
जिन्होंने शिक्षकों पर उनको नाजायज तरीके से पीटने के आरोप लगाकर मंत्री
पंवार को शिकायत की थी। छात्राओं ने शिक्षकों द्वारा उनको जानबूझकर परेशान
करने की बात कही। इसके बाद शिक्षकों के बयान लिए तो शिक्षक सही तरीके से
जवाब नहीं दे सके। वहीं कुछ शिक्षकाें ने अपना पक्ष मजबूत करने के लिए बाहर
से कुछ व्यक्ति भी बुलाए। इनका संबंध नहीं होने से उन्हें जांच में शामिल
नहीं किया गया।
गन्नौर. राजकीय मॉडल स्कूल में बच्चे का बयान लेते हुए एसडीएम डॉ. सुनील कुमार।
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में
एसडीएम एसडीएम डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जांच में बच्चों व
शिक्षकों के बयान लिए हैं। स्कूल में थोड़ी राजनीति चल रही है। जिसका असर
बच्चों पर पढ़ रहा है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर कार्रवाई
की लिए भेजा जाएगा। स्कूल में कुछ शिक्षकों के तबादले की जरूरत है।
तीन शिक्षकों के खिलाफ डायरेक्टर को लिखा, प्राचार्य ने मांगी माफी
डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह ने बताया कि स्कूल के शिक्षक
जितेंद्र, पवन कुमार, प्रीतपाल व प्राचार्य अरुणलता के खिलाफ शिक्षा विभाग
के डायरेक्टर को इनके तबादले के साथ स्कूल में बच्चों के भविष्य के साथ
लापरवाही बरतने को लेकर कार्रवाई के लिए लिखा है। प्राचार्य अरुणलता ने
फिलहाल लिखित में अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है।