नितिन शर्मा, यमुनानगर : गुरु जी के लिए लंबी छुट्टी पर जाना अब आसान
नहीं होगा। अवकाश के लिए आवेदन करने से पहले गुरु जी को अपनी क्लास के
विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही उनको यह भी
बताना होगा कि उनसे पहले कोई और अध्यापक को छुट्टी पर नहीं है।
इसका विवरण
खंड शिक्षा अधिकारी को देना होगा। इस व्यवस्था को बनाने के लिए शिक्षा
विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया है। आदेशों
का पालन कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी की तरफ से स्कूलों में पत्र भेज
दिया गया है।
अभी तक प्रिंसिपल करते थे फाइल पर हस्ताक्षर
बता दें कि अभी तक स्कूल ¨प्रसिपल अपने स्तर पर अध्यापकों की छुट्टी
संबंधी फाइल पर हस्ताक्षर कर देते थे। इससे शिक्षकों को छुट्टी मिल जाती
थी। नई व्यवस्था में किए गए बदलाव में खंड शिक्षा अधिकारी की अनुमति के
बिना लंबी छुट्टी नहीं मिल सकेगी। इन दिनों खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय
में छुट्टी के लिए आवेदन करने वाले अध्यापकों का आना जारी है। चाइल्ड केयर
लीव के लिए तीन वर्ष तक की छुट्टी का प्रावधान है। इस लीव के लिए आवेदन
सबसे ज्यादा होते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी ने जारी किया पत्र
खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी पत्र में लिखा गया है कि उनके
कार्यालय में छुट्टी से जुड़ी फाइल के कॉलम पूरे नहीं भरे जाते हैं। मामले
का पूरा रिकार्ड साथ संलग्न होना चाहिए। जारी निर्देशों में बताया गया है
कि अध्यापकों को लंबी छुट्टी पर जाने के दौरान संबंधित डीडीओ द्वारा बच्चों
की पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए क्या व्यवस्था की गई उसका पूरा
ब्यौरा। अगर प्रार्थी ने उससे पूर्व कोई लंबी छुट्टी ली है तो उसका सेवा
पंजी में इंद्राज करना किया जाए। इसके साथ ही मामले के साथ सेवा पंजी की
फोटो लिए गए अवकाश के साथ लगाए। विद्यालय के छात्र संख्या व स्टाफ
स्टेटमेंट साथ लगी होनी चाहिए। लंबी छुट्टी लिए जाने का कारण स्पष्ट हो।
अध्यापिका द्वारा चाइल्ड केयर लीव लिए जाने की स्थिति में विभागीय दिशा
निर्देश के अनुसार प्रमाण पत्र लगे होने चाहिए। उसके बाद भी इनकी छुट्टी
मंजूर की जाएगी।