भिवानी | जिले भर में चल रहे फर्जी निजी स्कूलों एवं शिक्षा अकादमियों पर
कार्रवाई के संबंध में शिक्षा निदेशक ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से
रिपोर्ट तलब की है। साथ ही इन पर अब तक की गई कार्रवाई का भी जवाब मांगा
है।
मौलिक शिक्षा निदेशक ने जिला माैलिक शिक्षा अधिकारी काे जारी किए पत्र
क्रमांक सीडब्ल्यूपी 23119/2017 पूछा गया है कि हरियाणा एजुकेशन एक्ट 1995 व
2003 के अंतर्गत निजी स्कूलों को मान्यता अनिवार्य की हुई है। बिना
मान्यता के स्कूल चलाने के कोई आदेश नहीं हैं। हाई कोर्ट के आदेशों के बाद
शिक्षा विभाग ने फर्जी स्कूलों एवं शिक्षा अकादमियों को बंद कराने के नोटिस
जारी किए गए थे। अब इन नोटिसों के बाद मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से क्या
कदम उठाए गए हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने लगभग
141 फर्जी स्कूल एवं शिक्षा अकादमियों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका डाली
गई है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब करते हुए
इन्हें बंद कराए जाने के निर्देश दिए हुए हैं। शिक्षा सहयोग संगठन
कोषाध्यक्ष राजेश रंगा ने बताया कि जिले में 71 फर्जी स्कूलों एवं शिक्षा
अकादमियों के बाद 34 फर्जी स्कूलों के मामले सामने आए थे, लेकिन अब 36
फर्जी स्कूलों एवं शिक्षा अकादमियों का और खुलासा हुआ है। अब कुल मिलाकर
फर्जी शिक्षण संस्थाओं की संख्या 141 तक पहुंच गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा ने बताया कि डीसी के नेतृत्व में
कमेटी बनाई गई है। जो सभी फर्जी स्कूलों की जांच कर रही है। स्कूलों को
नोटिस भी दिए गए। जिन स्कूलों के नाम लिस्ट में है कमेटी उनके रिकार्ड की
जांच कर रही है।