जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय रोहतक के अंतर्गत अाने वाले एडिड प्राथमिक
स्कूलों से 68 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए थे। ये सभी शिक्षकों को प्रत्येक
वर्ष जीवित होने का प्रमाणपत्र अप्रैल माह तक डीईईओ को जमा कराना होता है।
लेकिन मई माह की शुरुआत हो गई और अभी तक महज 40 सेवानिवृत्त शिक्षकों ने
पेंशन पाने के लिए जीवित प्रमाणपत्र दिया है, जबकि 28 शिक्षक ऐसे हैं,
जिन्होंने प्रमाणपत्र नहीं दिया है। डीईईओ कार्यालय से अब ऐसे शिक्षकों की
पेंशन भुगतान रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डीईईओ परमेश्वरी हुड्डा ने हिदायत जारी की है सभी रिटायर्ड शिक्षक जल्द
से जल्द प्रमाणपत्र कार्यालय में जमा कराए, नहीं तो पेंशन का भुगतान रोक
दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक सभी पेंशनधारक शिक्षक
अप्रैल माह में जीवित होने का प्रमाणपत्र जमा दिया करते थे, लेकिन इस बार
वे प्रमाणपत्र जमा कराने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका असर उनके पेंशन
भुगतान पर पड़ेगा। उनका कहना है कि जब तक रिटायर्ड शिक्षक अपना जीवित होने
का प्रमाणपत्र जमा नहीं कराएंगे तब तक उन्हें पेंशन का भुगतान नहीं होगा।