जागरण संवाददाता, पंचकूला : पात्र अध्यापक संघ एचटीईटी 2012-13 हरियाणा के
बैनर तले जेबीटी भर्ती में नियुक्ति से वंचित रहे जेबीटी टीचर्स को वीरवार
को चंड़ीगढ़ में घुसने से रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने पानी की बौछारों व
हल्का लाठी चार्ज कर रोका। इस दौरान दो महिला शिक्षकों सहित चार लोग घायल
हो गए। जेबीटी में नियुक्ति से वंचित रहे शिक्षक मांगों को लेकर चंडीगढ़
स्थित शिक्षा मंत्री का निवास घेरने आ रहे थे।
लेकिन प्रदर्शनकारियों को
चंडीगढ़ पुलिस ने पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर ही रोक लिया। इस दौरान
प्रदर्शनकारी जेबीटी टीचरों ने चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश तो चंडीगढ़
पुलिस ने इन पर वाटर कैनन से पानी बरसाना शुरु कर दिया। पानी की बौछारों के
साथ चंडीगढ़ पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा, जिसमें दो महिलाओं
सहित चार जेबीटी टीचर्स को चोटें आई। घायलों में अनिल मलिक, महाबीर, पूनम
एवं मीना शामिल हैं। नवचयनित जेबीटी एचटीईटी 2011 व 2012-13 से वेटिंग में
चयनित एवं ज्वाइनिंग से वंचित नवचयनितों ने बताया कि सीएम से बार-बार 12
हजार से अधिक नवचयनित जेबीटी को नियुक्ति देने की मांग की गई, जिसमें नौ
हजार के करीब ने अध्यापक के रुप में काम संभाल लिया। प्रदेश अध्यक्ष संजय
तालू ने बताया कि सरकार ने हाइकोर्ट में पहले बताया था कि 12731 जेबीटी के
पद खाली थे। 8 जनवरी 2016 को 16254 पद खाली बताये गए, जिसके बाद हाइकोर्ट
ने 22 दिसंबर 2017 को सोनू कुमार बनाम राज्य सरकार के मामले में ज्वाइंट
मेरिट के अनुसार वेटिंग सहित नवचयनित जेबीटी को एडहॉक बेसिस पर नियुक्ति
देने के आदेश दिये थे। परंतु विभाग अपनी मनमानी करते हुए सीएम और शिक्षा
मंत्री के सामने गल्त तथ्य पेश करके उनकी नियुक्ति नहीं होने दे रहा। यदि
विभाग ने उनकी बातें नहीं मानी, तो गंभीर परिणाम होंगे। शिक्षकों के
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी ने उनकी मुलाकात हरियाणा
के शिक्षा मंत्री से कराई गई। पात्र अध्यापक संघ एचटीईटी 2012-13 के
प्रदेश अध्यक्ष संजय तालू ने बताया कि शिक्ष मंत्री ने उन्होंने भरोसा देते
हुए कहा है कि शुक्रवार को शिक्षा विभाग के निदेशक और एडीशनल चीफ
सेक्रेटरी के साथ मुलाकात कर उनकी मांगों का समाधान का हल करवाया जाएगा।