जिला स्तरीय अल्पसंख्यक कल्याण समिति की बैठक में कई साल से स्कूलों में
उर्दू शिक्षकों की भर्ती न होने का मामला गरमा गया। समिति के सदस्यों ने
कहा िक पिछले 10 साल से ज्यादा समय से यह मामला पेंडिंग है। स्कूलों में
अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के प्रवेश, आरटीई के तहत एडमिशन, स्वावलंबन
योजनाओं के तहत लोन दिलाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में समिति के सदस्य रजा खोखर ने कहा िक स्कूलों में उर्दू
शिक्षकों की भर्ती का मामला कई साल से पेंडिंग है। शिक्षा विभाग के अफसरों
ने बताया िक शिक्षकों की भर्ती नगरीय निकायों को करना है। कई साल से यह
मामला पेंडिंग रहने और अफसरों के गोलमोल जवाब पर एडीएम और समिति के सदस्यों
ने कड़ी नाराजगी जताई।
अफसरों ने बताया िक टेंडर हो चुका है। काम शुरू किया जाएगा। सदस्यों ने
कहा िक बारिश शुरू होने पर काम फिर लटक जाएगा। इसके बाद चुनावी व्यस्तता
का हवाला देकर काम बंद हो जाएगा। हर काम लेटलतीफी से होने पर सदस्यों ने
नाराजगी जताई। एडीएम ने तत्काल काम पूरा करने के निर्देश दिए।
कई सालाें से पेंडिंग है शिक्षकों की भर्ती का मामला
आवासों में पानी-सफाई जैसी सुविधाएं भी नहीं
बैठक में सदस्यों ने कहा िक उरला में बने आईएचएसडीपी आवासों में
कई मुस्लिम परिवार रहते हैं। यहां पानी, सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं ही
नहीं हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। एडीएम ने कहा िक
वे निगम अफसरों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देंगे। पाटन में सांसद
निधि से मुस्लिम कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू न होने पर भी
अफसरों से जवाब मांगा।
शिक्षा के लिए लोेन प्रकरण मंजूर करने की मांग
बैठक में संदीप भाटिया, इस्माइल खान, नजरुद्दीन खोखर सहित अन्य
सदस्यों ने अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए लोन के
प्रकरण मंजूर करने करने की मांग की। तय किया गया िक बैंकों के माध्यम से
प्रकरण तैयार कर लोन दिलाया जाएगा। पेंशन योजना और स्वावलंबन योजना का लाभ
पात्र हितग्राहियों को दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।