जिले के स्कूलों को सक्षम बनाने के लिए प्रशासन व शिक्षा विभाग पिछले करीब
दो महीनों से कवायद में लगा है। पहले जुलाई तक का समय स्कूलों, खासकर बाबैन
खंड के स्कूलों को सक्षम बनाने के लिए रखा था। अब डीसी डा.एसएस फुलिया ने
15 अगस्त का समय दिया है।
शनिवार को राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
कुरुक्षेत्र में पिहोवा और लाडवा ब्लॉक के तीसरी, पांचवी और सातवीं
कक्षाओं को पढ़ाने वाले अध्यापकों की मीटिंग ली। निर्देश दिए कि
विद्यार्थियों को 15 अगस्त तक हर हाल में उनकी कक्षा के अनुरूप सक्षम बनाना
होगा। साथ ही विद्यार्थियों को हिन्दी और गणित विषय में सक्षम करें। पढ़ाई
में कमजोर बच्चों की ओर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि कोई स्कूल या शिक्षक
लापरवाही करेगा, तो उस पर कार्रवाई होगी।
स्कूलों में ना हो सुविधाओं की कमी : अध्यापकों को निर्देश दिए कि वे
अपने-अपने स्कूलों में सफाई, पीने के पानी, शौचालय आदि के उचित प्रबंध
करें। इसके साथ-साथ नियमित रूप से स्कूलों में बनने वाले मिड-डे-मिल की
जांच हो।
वे खुद मिड डे मिल की जांच के लिए स्कूलों का दौरा करेंगे। कहा कि
विद्यार्थियों के शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए अध्यापकों को
निरंतर प्रयास करना होगा। शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की खेल कूद,
सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि में भागीदारी सुनिश्चित करें। जिला मौलिक शिक्षा
अधिकारी सतनाम सिंह भट्टी ने बताया सभी स्कूलों को निर्देश दिए कि वे
स्कूलों में घडी, कैलेंडर व दिशा सूचक भी स्कूलों में लगाएं।
बताया कि जिला में पौधगिरी कार्यक्रम के तहत सवा लाख विभिन्न किस्मों
के पौधे लगाने का लक्ष्य है। 80 हजार पौधे स्कूली बच्चों द्वारा लगाएं
जाएंगे। विभिन्न स्कूलों में 40 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
सभी विद्यार्थी दो-दो पौधे लगाएंगे। एक पौधा संबंधित स्कूल में और एक पौध
अपने घर में लगाएंगे। शेष अन्य पौधे लगाने के लिए विभिन्न विभागों के
अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।