लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है।
शिक्षा विभाग योग्यता रखने वाले 800 जेबीटी अध्यापकों को प्रमोट कर दिया
है। इन्हें संगीत, गृह विज्ञान और अंग्रेजी विषय के टीजीटी शिक्षक के पद पर
प्रमोशन दिया गया है। इनमें 191 शिक्षक वर्ष 2000 की भर्ती वाले भी शामिल
हैं। इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला जेल में है।
शिक्षा विभाग की ओर से जो प्रमोशन किए गए हैं। उनमें संगीत विषय के दो,
गृह विज्ञान के 6, विज्ञान के 49 और अंग्रेजी विषय के 743 शिक्षक शामिल
हैं। प्रमोशन के आदेश 17 जुलाई,2018 से लागू होंगे। प्राइमरी एजुकेशन के
अतिरिक्त निदेशक वीरेंद्र लाठर ने बताया कि सभी विषयों के टीजीटी अध्यापकों
के तौर पर प्रमोशन होने के बाद ही उक्त अध्यापकों को स्टेशन अलॉट और इनकी
वरिष्ठता को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सेवा नियमों के
अनुसार प्रमोशन पाने वाले अध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव व
विषय-संयोजन आदि की पात्रता बननी चाहिए। अगर किसी स्तर पर यह जानकारी मिली
कि प्रमोट हुए अध्यापक ने गलत सूचना दर्ज की थी तो उसको रिवर्ट कर दिया
जाएगा।
एचटेट वेरिफिकेशन के बाद एक हजार की दूसरी सूची होगी जारी: संघ
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के राज्य प्रधान तरुण सुहाग
ने बताया कि यह पहली सूची है। प्राइमरी एजुकेशन के निदेशक ने कहा है कि
दूसरी सूची दो-तीन दिन में जारी होगी। संघ की मांग के अनुसार 18 साल बाद
वर्ष 2000 में नियुक्त जेबीटी शिक्षकों को भी पदोन्नति दे दी गई है।
पदोन्नति हेतु योग्य शेष जेबीटी शिक्षकों की सूची भी तैयार है, लेकिन कुछ
दस्तावेजों की कमी के चलते बुधवार को जारी सूची में उनके नाम शामिल नहीं हो
पाए। लगभग एक हजार से ज्यादा जेबीटी शिक्षकों की पदोन्नति अभी होनी बाकी
है। इनमें अधिकतर वर्ष 2011 में नियुक्त जेबीटी हैं, जिनका 2-3 दिन में
एचटेट प्रमाणपत्र का वेरिफिकेशन हो जाएगा।
202 पीटीआई का भी हुआ प्रमोशन
शिक्षा विभाग ने 800 जेबीटी के अलावा 202 पीटीआई शिक्षकों को
टीजीटी शिक्षक के पद पर प्रमोट किया है। अतिरिक्त निदेशक वीरेंद्र लाठर ने
बताया कि विभाग ने योग्यता रखने वाले कुल 1002 जेबीटी व पीटीआई अध्यापकों
का प्रमोशन किया है।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस इन्टर्न का मानदेय 5 हजार रुपए बढ़ाया
रोहतक | हरियाणा सरकार ने प्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में
एमबीबीएस और बीडीएस इन्टर्न का मानदेय 5 हजार रुपये बढ़ा दिया है। आदेश
जारी होने के बाद अब इन्टर्न विद्यार्थियों को प्रतिमाह 12 की जगह 17 हजार
रुपये मानदेय मिलेगा। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले दिनों पीजीआई के
इन्टर्न स्टूडेंट्स ने हड़ताल की थी। इनके समर्थन में प्रदेश के अन्य
कॉलेज के स्टूडेंट्स ने भी प्रदर्शन किया था। हेल्थ विवि के पोस्ट ग्रेजुएट
इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज कॉलेज के प्रिंसिपल डाॅ. संजय तिवारी ने
बताया कि प्रदेश सरकार के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग के अतिरिक्त
मुख्य सचिव की तरफ से इस बारे में पत्र जारी हुआ है। इसमें मेडिकल व डेंटल
कॉलेज के इन्टर्न विद्यार्थियों का मानदेय बढ़ाने को मंजूरी दी है। अभी तक
विद्यार्थियों को प्रतिमाह 12 हजार रुपये मानदेय दिया जाता था। अब एमबीबीएस
और बीडीएस इन्टर्न विद्यार्थियों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया
जाएगा।
इसके तहत हेल्थ विवि रोहतक, मेडिकल कॉलेज मेवात, खानपुर, अग्रोहा,
करनाल और रोहतक डेंटल कॉलेज के इन्टर्न विद्यार्थियों को लाभ दिया जाएगा।
बढ़ा मानदेय दिल्ली एम्स के इन्टर्न के समान है। अधिकतर मेडिकल संस्थानों
में इतना मानदेय नहीं दिया जाता है। वर्तमान में हेल्थ विवि रोहतक में 200,
डेंटल कॉलेज में 60, खानपुर मेडिकल कॉलेज में 100 और मेवात मेडिकल कॉलेज
100 इन्टर्न विद्यार्थी है।