हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार की अाेर से खिलाड़ियाें के लिए
जारी ग्रेडेशन नीति को अव्यवहारिक बताते हुए इसकी निंदा की है और इसमें
तुरंत प्रभाव से सुधार की मांग की है।
शनिवार काे हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ की जिला स्तरीय बैठक में की
अध्यक्षता जिला प्रधान राजपाल तंवर ने की। बैठक का संचालन संघ के जिला
वरिष्ठ उप प्रधान सोमदत्त शर्मा ने किया। हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ के
संरक्षक राजेश ढांडा व राज्य वरिष्ठ उप प्रधान विरेंद्र घनघस ने बताया कि
सरकार की नई ग्रेडेशन नीति से नए खिलाड़ियाें का शोषण होना तय है।
उन्होंने बताया कि नई नीति पूरी तरह से अव्यहारिक है और इसके लागू होने
के बाद प्रदेश में खिलाड़ियाें के ग्रेडेशन के प्रमाण पत्र बनने बंद हो गए
हैं। इससे हजारों खिलाड़ियाें को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार की नई नीति से न केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा
मिलेगा बल्कि खिलाड़ियाें का शोषण होगा। ग्रेडेशन प्रमाण पत्र जारी न होने
से न तो छात्र खेल कोटे में कॉलेजों में दाखिले ले पा रहे हैं और न ही
पुलिस आदि भर्ती में आवेदन के बाद लाभ ले पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि
टीम में खेलने वाले सभी खिलाड़ी एक जैसे होते हैं और उनमें वर्गीकरण पूरी
तरह से गलत है।
उन्होंने बताया कि अगर कोई खिलाड़ी प्रदेश स्तर व जिला स्तर पर खेलों
में हिस्सा लेता है तो उसे भी योगयता के आधार पर ग्रेडेशन दिया जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने नई ग्रेडेशन नीति में संशोधन नहीं
किया तो प्रदेशभर के शारीरिक शिक्षक, खिलाड़ी व अभिभावक आंदोलन के लिए
मजबूर हो जाएंगे। इस अवसर पर बॉक्सर विनोद, मोतीलाल, पीटीआई प्रोमिला,
जयबीर, फूलनदेवी, जोगेंद्र, लक्ष्मी नारायण, पवन अादि उपस्थित थे।