संवाद सहयोगी, कलायत: प्रदेश के महाविद्यालयों में मेरिट के आधार पर
प्रवेश देने के दावों की पोल जिला कैथल में खुल गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग
हरियाणा की ओर से घोषित दूसरी कट आफ लिस्ट में
अनियमितताएं उजागर होने से
विद्यार्थी हक्के-बक्के हैं। मेरिट सूची के मानदंडों को दरकिनार करते हुए
लिस्ट जारी करने के गंभीर मामले से कलायत निवासी विकास कुमार ने प्रदेश
सरकार को रूबरू करवाने का बीड़ा उठाया है। सीएम ¨वडो के माध्यम से सरकार को
भेजी शिकायत में बीए प्रथम में प्रवेश के लिए आवेदन कर चुके इस छात्र ने
तथ्य आधारित पहलू पेश किए हैं। उसे अनुसूचित वर्ग में मेरिट के बाद भी बीए
प्रथम वर्ष की कट आफ लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। आरकेएसडी कालेज
प्रात:कालीन सत्र के लिए उसने आवेदन किया था। दस जमा दो कक्षा में उसके अंक
66.40 प्रतिशत है। विभाग द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुरूप 5 अंक
अतिरिक्त लाभ का प्रावधान है। इस मायने से उसके 71.40 प्रतिशत अंक है। इसी
तरह वार्ड एक निवासी गौरव के 72 प्रतिशत से अधिक अंक है। हैरानी का विषय है
कि विभाग द्वारा घोषित दूसरी कट आफ लिस्ट में 71.20 अंक हासिल करने वाले
विद्यार्थियों को स्थान दिया गया है।
प्रवेश न मिलने से मां भी हताश-निराश
प्रभावित छात्र की मां मंजू का कहना है कि दंपति को पढ़ने लिखने का
अवसर नहीं मिला। शिक्षा के महत्व को समझते हुए उन्होंने दिहाड़ी-मजदूरी से
बेटे विकास को पढ़ाने का निर्णय लिया। विकास होनहार विद्यार्थी है। दसवीं
और बारहवीं कक्षा में जिस प्रकार इसने अंक हासिल किए वह इसकी मेहनत एवं
लग्न को दर्शाता है। ¨चता की बात है कि अव्वल होने के बाद भी बेटे को
प्रवेश नहीं मिल रहा। प्राचार्य ने दिया बेरुखी का परिचय
इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि सरकार की कथनी और
करनी में अंतर है। होनहार छात्र ने उच्चतर शिक्षा विभाग में व्याप्त
अनियमितताओं की पोल खोल दी है। ¨चता का विषय है कि जब इस गंभीर विषय पर
छात्र और अभिभावकों ने आरकेएसडी ने उसे कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखा
दिया।