जागरण संवाददाता, मोहाली : सत्ता पक्ष का काम है काम करना और विपक्ष का
काम है उसे नकारना। पंजाब के मुख्यमंत्री केप्टन अम¨रदर सिंह ने बरगाड़ी काड
की जाच करवाने का जो फैसला लिया है, वह बिल्कुल सही है।
यह बात पंजाब के
शिक्षा मंत्री ओपी सोनी ने बुधवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड कार्यालय
में पत्रकारों के साथ बातचीत में बात कहीं। इस से पहले शिक्षा मंत्री ने
मास्टर कैडर के नए अध्यापकों को नियुक्ति पत्र बाटे। सवाल के जवाब में
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आप के नेता जो मर्जी बोलते रहें। अगर कैप्टन
अमरिंदर सिंह ने कार्रवाई की बात कहीं है तो वे करेंगे। कार्यक्रम के दौरान
शिक्षा मंत्री ने 600 अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए। जिनमें से 342
हिंदी और 257 अंग्रेजी के अध्यापक हैं।
टीचर्स से जुड़ा है बच्चों का भविष्य
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों का भविष्य टीचर्स के साथ जुड़ा है। जिन
अध्यापकों को आज नियुक्ति पत्र मिले हैं, उनके जीवन का ये पहला पड़ाव है।
ओपी सोनी ने कहा कि आशा करते हैं कि ये शिक्षा स्टूडेंट्स को बेहतर तरीके
से पढ़ाएंगे ताकि इनके द्वारा पढ़ाए स्टूडेंट्स देश की तरक्की में भागीदार
बनें। सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि तबादला नीति बन चुकी है।
ये सब की सलाह पर बनी है अब इस में बदलाव का सवाल नहीं।
यूनियन के नेता चमका रहे अपनी राजनीति
पंजाब में शिक्षक यूनियनों की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन पर शिक्षा
मंत्री ने कहा कि यूनियन से उनका अनुरोध है कि वे धरने प्रदर्शन न करें।
उनकी सभी मांगे मानी जा रहीं हैं। इस पर शिक्षक भी सहमत हैं, लेकिन यूनियन
के कुछ लोग इस अड़ंगा लगा रहे हैं, जो अपनी राजनीति चमकाने में लगे है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यूनियन को प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन
स्टूडेंट्स की पढ़ाई खराब नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की
जो मागे है उन्हें पूरा किया जाएगा। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी
मौजूद थे।