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75 फीसद वेतन कटौती योजना का विरोध

संवाद सूत्र, फिरोजपुर : एसएसए एवं अध्यापक यूनियन फिरोजपुर के पदाधिकारियों की बैठक प्रदेश प्रधान दीदार ¨सह के नेतृत्व में फिरोजपुर में हुई, जिसमें एसएसए एवं अध्यापकों, हेडमास्टर एवं लैब अटेंडेंट शामिल हुए।
बैठक में पंजाब सरकार द्वारा एसएसएएवं रमसा अध्यापकों, हेड मास्टरों और लैब अटेंडेंटो को रेगुलर करने केलिए प्राथमिक वेतन पर विभाग में और वेतन सुरक्षित करके सोसायटी अधीन रेगुलर करने की दोनों प्रपोजलों को नकारते हुए इसका विरोध किया गया। यूनियन ने कहा कि उन्हें शिक्षा विभाग में पूरी वेतन और सहूलियतों सहित रेगुलर किया जाए, ऐसा न हुआ तो वह लोग अपनी इस मांग को लेकर वह अपना संघर्ष शुरु कर रहे है। इस समय जिला प्रधान ने सरकार की 75 फीसद वेतन कटौती वाली प्रपोजल को अध्यापकों की हत्या करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री पंजाब, शिक्षामंत्री पंजाब और समूह विधायकों से अपील की कि वे सभी निजी दखल देकर शिक्षा विभाग में तनदेही के साथ सेवाएं निभाने वाले इन अध्यापिकाओं और अध्यापकों के परिवारों को बचाएं और उच्च शिक्षा अधिकारियों को पूरी वेतन सहित अध्यापकों को शिक्षा विभाग में शामिल करने के लिए आदेश दें। 75फीसद वेतन कटौती जैसी नीति को सहमति देना और फिर उसे लागू करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना कर अध्यापकों का मनोबल गिराया जा रहा है और एकता को खत्म करने की कोशिशें कर रही है। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को शिक्षा मंत्री और पैनल के साथ होने वाली मी¨टग में पूरे वेतन की मांग उठाई ही जानी चाहिए।

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