चंडीगढ़, 21 अगस्त (ट्रिन्यू) पिछले 13 दिनों से पंचकूला में शिक्षा सदन के बाहर आमरण अनशन पर बैठे 8 शिक्षकों की हालत लगातार बिगड़ रही है। इस बीच मंगलवार को सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ भी शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता विफल हो गई। अब गेंद मुख्यमंत्री के पाले में है और आने वाले दिनों में उनकी शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात संभव है।
फिलहाल शिक्षकों ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया है। गत दिवस पंचकूला के डीसी मुकुल कुमार अनशन स्थल पर गए थे और शिक्षकों को मनाने की कोशिश की थी। वे जब इसमें नाकामयाब रहे तो उनकी ही पहल पर मंगलवार को सीएम के प्रधान सचिव के साथ वार्ता तय हुई। हरियाणा सिविल सचिवालय में सुबह साढ़े 11 बजे बैठक शुरू हुई, जो आधा घंटा के लगभग चली।
भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही कंप्यूटर शिक्षकों व लैब सहायकों का आंदोलन चलता रहा है। हर वर्ष इन कर्मचारियों को आंदोलन के बाद ही एक्सटेंशन मिली है। इस बीच अब सरकार ने 3216 पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी। कार्यरत शिक्षकों ने इसका विरोध करते हुए कहा, सरकार इस भर्ती को रद्द करे और पहले से काम कर रहे शिक्षकों को ही शिक्षा विभाग में समायोजित करे।
इससे पहले शिक्षकों व सहायकों के वेतन में बढ़ोतरी का फैसला भी सरकार ले चुकी है, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। ऐसे में शिक्षकों व सहायकों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। खुल्लर से वार्ता के दौरान संघ प्रधान बलराम धीमान, राजीव सैनी, सुनील वर्मा, सुनील गहलोत और योगेश यादव ने वेतन में बढ़ोतरी व भर्ती प्रक्रिया रद्द करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रधान सचिव ने भर्ती प्रक्रिया रद्द करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इस मामले में मुख्यमंत्री ही फैसला ले सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, सोमवार रात पंचकूला में प्रदर्शन के बाद घर लौट रहे शिक्षक की एक्सीडेंट में मौत हो गई। उसका शिक्षक साथी गंभीर रूप से घायल हुआ। उनकी मोटरसाइकिल के सामने नील गाय आने से हादसा हुआ। मृतक की पहचान खिजराबाद निवासी नितिन मित्तल के रूप में हुई है।