पीजीटी फाइन आर्ट्स व संगीत आदि विषयों के उम्मीदवारों की जिलास्तरीय बैठक
हुडा सिटी पार्क में हुई। मीटिंग की अध्यक्षता प्रधान दिग्विजय जाखड़,
कोषाध्यक्ष रजनीश, सेक्रेटरी संजय कुमार व एडवाइजर सुरजीत सिंह ने की। सभी
उम्मीदवारों में बंद पड़ी शिक्षक भर्ती को लेकर रोष जताया।
प्रधान दिग्विजय
जाखड़ ने बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने वर्ष 2014-15 में शिक्षा
विभाग में विभिन्न स्तर पर विभिन्न विषयों के पदों के लिए आवेदन मांगे गए
थे। विज्ञापन संख्या 5/2015 के तहत उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। लेकिन आज
करीब साढ़े तीन साल बीतने के बाद जब पंजाबी आदि विषय के उम्मीदवारों को
नियुक्ति दे दी। लेकिन पीजीटी फाइन आर्ट्स व संगीत शिक्षकों नहीं दी गई।
रोहतक. हुडा सिटी पार्क में सरकार के खिलाफ रोष जताते शिक्षक भर्ती के उम्मीदवार।
कोर्ट का सहारा लेंगे उम्मीदवार, एचटेट की शर्त को बताया गलत : उन्होंने
कहा कि सरकार जानबूझकर भर्ती में देरी कर रही है इसी के चलते हाई कोर्ट
में उम्मीदवारों ने केस दायर किए हुए हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया
कि डबल बेंच में जिस तरह संगीत विषय में उम्मीदवारों के केस में सरकार को
नोटिस जारी किए हैं जिसमें एचटेट तथा सर्विस रूल को चैलेंज किया गया है।
इसकी सुनवाई 23 अगस्त 2018 को है। इसी तरह अब फाइन आर्ट्स विषय के
उम्मीदवार भी अपना दावा हाईकोर्ट में डालेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि
सरकार जानबूझकर एचटेट की कंडीशन पीजीटी कैंडिडेट्स पर थोप रही है जो कि गलत
है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर जल्द ही उनकी बात को गंभीरता से नहीं लेती
है तो वह सरकार का विरोध करेंगे।
फाइन आर्ट्स के 715 पदों पर 398 उम्मीदवार, अधिकांश ओवर ऐज की कगार पर : प्रधान
दिग्विजय ने बताया कि फाइन आर्ट्स की 715 पोस्ट हैं, जिन पर कुल उम्मीदवार
398 हैं। बिना एचटेट के करीब 286 उम्मीदवार हैं। इतने सालों बाद इस विषय
की वैकेंसी निकली है और अधिकतर उम्मीदवार उम्र के आखरी पड़ाव पर बैठे हैं।
इसमें अगर उनको नहीं लिया गया तो आगे वे ओवरऐज हो जाएंगे। हरियाणा में फाइन
आर्ट्स विषय के डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थियों पर महज 23 अध्यापक हैं।
सरकार ने 12 सौ से से भी अधिक स्कूलों में फाइन आर्ट्स विषय को लागू किया
है।
सरकार ने माना, विद्यार्थियों को नहीं लेने दे रहे फाइन आर्ट्स विषय : प्रधान
व एडवोकेट दिग्विजय जाखड़ ने कहा कि सरकार इस विषय की शुरू से अनदेखी कर
रही है। क्योंकि सरकार की ओर से जारी मेमो में सरकार ने खुद माना है कि
स्कूलों में विषय चयन के समय विद्यार्थियों को फाइन आर्ट्स विषय नहीं लेने
दिया जा रहा है। क्योंकि उक्त विषय के शिक्षक स्कूलों में नहीं है। इस
संदर्भ में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को हिदायत भी जारी की है।