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ओ पी चौटाला ने आप सरकार के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में दस साल की जेल की सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर आप सरकार के उस
फैसले को चुनौती दी जिसमें उन्हें तीन सप्ताह के फरलो के दौरान किसी राजनीतिक गतिविधि से रोक दिया गया।
   आईएनएलडी प्रमुख की याचिका में दावा किया गया है कि उन्हें जींद उपचुनाव के पहले 22 जनवरी को फरलो पर रिहा किया जाना था लेकिन बाद में इसे चुनाव के बाद 29 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया । उन्हें रिहा करने की शर्तों में कहा गया कि वह किसी राजनीतिक सभा में शामिल या उसे संबोधित नहीं करेंगे और साथ ही फरलॉ की अवधि के दौरान राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे।

आईएनएलडी विधायक हरिचंद मिड्ढा के निधन के बाद जींद सीट खाली हुई जहां 28 जनवरी को उपचुनाव होना है।

चौटाला (83) ने वकील अमित साहनी के जरिए दायर की अपनी याचिका में आरोप लगाया कि वह ‘‘दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और उनके पोते दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के बीच राजनीति षडयंत्र’’ का शिकार हैं।

दुष्यंत चौटाला अजय चौटाला के बेटे हैं।

ओ पी चौटाला, उनके बेटे अजय और दो आईएएस अधिकारी समेत 53 अन्य उन 55 लोगों में शामिल हैं जिन्हें साल 2000 में हरियाणा में 3,206 शिक्षकों की गैर कानूनी भर्ती के लिए निचली अदालत ने 16 जनवरी 2013 को दोषी ठहराया था। 

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