चंडीगढ़ : हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 21 हजार 816 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन ही नहीं ली है। कोरोना की तीसरी लहर और नए वैरिएंट ओमिक्रोन की दस्तक के चलते हरियाणा सरकार
सख्ती करने का फैसला पहले ही ले चुकी है। ऐसे में इन शिक्षकों की 1 जनवरी से स्कूलों में एंट्री नहीं हो पाएगी। ज्ञात हो कि गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आदेशों के बाद जारी हुए नोटिफिकेशन के बारे में भी सभी शिक्षकों को सूचित करवाया जा चुका है। अनिल विज के आदेश हैं कि जिन लोगों ने कोरोना से बचाव की दोनों डोज नहीं ली हैं, उन्हें 1 जनवरी से सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएग।Haryana2Day brings you the latest news, government updates, education news, job notifications, and local events from Haryana.
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हरियाणा में 22 हजार शिक्षकों ने नहीं लगवाई कोरोना वैक्सीन, 1 जनवरी से स्कूलों में एंट्री बंद
बता
दें कि प्रदेश के 22 जिलों में लगभग 14 हजार, 159 सरकारी स्कूलें हैं। इन
स्कूलों में शिक्षकों की संख्या लगभग 1 लाख, 4 हजार, 123 है। इनमें से 28
हजार 232 ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली ही डोज ली है।
54 हजार, 75 ऐसे शिक्षक हैं, जो दोनों डोज ले चुके हैं। सरकार नियमों में
थोड़ी ढील देते हुए उन शिक्षकों को तो स्कूलों में जाने की परमिशन दे सकती
है, जिन्हें पहली डोज लग चुकी हैं, लेकिन जिन्होंने अभी तक एक भी डोज नहीं
ली है, उनकी एंट्री नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद
स्वास्थ्य विभाग वैक्सीनेशन मुहिम तेज कर चुका है और लोगों को इंजेक्शन
लगाने के लिए जगह-जगह कैंप लगाए जा रहे हैं। 'हर घर दस्तक' कार्यक्रम के
तहत लोगों को घर-घर जाकर कोरोना वैक्सीन के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।