पीजीआईके बेहोशी विभाग में मशीनों की ही कमी नहीं, बल्कि मरीजों को संभालने
वाले स्टाफ का भी टोटा है। संस्थान के विभिन्न ऑपरेशन थिएटरों में रोजाना
आने वाले मरीजों के लिए महज सात सीनियर रेजिडेंट हैं। यहां 56 में से 49 पद
रिक्त पड़े हैं। इस वजह से मरीजों को बेहोश होने के लिए 15 से 30 दिन तक
इंतजार करना पड़ता है।
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शिक्षा विरोधी नीतियों के विरोध में प्राध्यापक मनाएंगे काली दिवाली
हसला संरक्षक रतिराम चौहान, हसला राज्य पूर्व महासचिव दलबीर पंघाल हसला
प्रधान ने भगवान दत्त ने कहा कि प्राध्यापक इस बार दिवाली नहीं मनाएंगे।
दत्त ने बताया कि प्राध्यापक विरोधी अन्यायपूर्ण नीतियों के चलते
प्राध्यापक वर्ग में बड़े दुखी मन से यह फैसला लिया है।
संस्कारशाला : हमारा पहला कर्तव्य मानवता के प्रति है
एक व्यक्ति अपने जीवन में अपने, परिवार, माता-पिता बच्चों, पति,
पड़ोसियों, समाज, समुदाय और सबसे अधिक महत्वपूर्ण देश के प्रति बहुत से
कर्त्तव्यों की जिम्मेदारी रखता है। देश के प्रति एक व्यक्ति के
कर्त्तव्य उसकी गरिमा, उज्जवल भविष्य बनाए रखने और इसे भलाई के ओर अग्रसर
करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
आप का पहला कर्त्तव्य महत्व की दृष्टि से मानवता के प्रति है।
आप का पहला कर्त्तव्य महत्व की दृष्टि से मानवता के प्रति है।
चयनित जेबीटी ने लिया फीकी दिवाली मनाने का फैसला
यमुनानगर के चयनित जेबीटी के अति महत्वपूर्ण बैठक शहर के नेहरू पार्क में हुई , जिसमे नियुक्ति पत्र मिलने में हो रही देरी को लेकर चर्चा की गई व् सर्व-सहमति से ये निर्णय लिया गया कि वे पिछले 2 सालों की तरह इस बार भी फीकी दिवाली मनाएंगे I