संवाद सहयोगी, सतनाली : क्षेत्र के गांव बारडा के राजकीय उच्च विद्यालय
में कई दिनों से अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों एवं उनके
अभिभावकों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल गेट के सामने एकत्रित होकर
विभाग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व स्कूल में स्टाफ की नियुक्ति
की मांग की।
स्कूल में छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों के कुल 13 पद हैं, लेकिन स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक है।
रामकर्ण ¨सह, मांगेराम लांबा, सुरेश प्रधान, सुधीर लांबा, सुखबीर लांबा, कर्मवीर साहब, धर्मपाल लांबा, ईश्वर ¨सह, ओमप्रकाश, छोटूराम, बदलू, कृष्ण ¨सह, दिले ¨सह, अमर ¨सह, मनफूल ¨सह, सतबीर ¨सह, रघुवीर ¨सह, संदीप लांबा, करतार ¨सह, रामकिशन ¨सह सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि वे अध्यापकों की नियुक्ति के लिए शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से अनेक बार मिल चुके हैं लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। अध्यापकों की कमी को लेकर वे डीईओ व बीईओ से भी अनेक बार मिल चुके हैं और जिला शिक्षा अधिकारी ने डेपुटेशन कर अध्यापकों को भेजने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही हैं।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सरपंच बारड़ा दीपचंद ने विद्यार्थियों व ग्रामीणों को समझाया और जल्द ही शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से मिलकर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इस पर विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सोमवार तक अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होती है तो विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठेंगे तथा ग्रामीण सतनाली-महेन्द्रगढ़ मुख्य सड़क मार्ग को जाम कर देंगे जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
बारड़ा के राजकीय उच्च विद्यालय के विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कुल सात पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में स्कूल में केवल संस्कृत विषय का एक ही अध्यापक है, बाकि सभी पद खाली हैं। इसके अलावा कक्षा नौंवीं व दसवीं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए मुख्याध्यापक सहित कुल छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन ये सभी पद खाली हैं। उन्होंने बताया कि यहां कार्यरत शिक्षकों का तबादला लगभग एक महीना पहले पहले हुआ था, तब से लेकर अब तक कोई भी नया अध्यापक नहीं आया है जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।
स्कूल में छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों के कुल 13 पद हैं, लेकिन स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक है।
रामकर्ण ¨सह, मांगेराम लांबा, सुरेश प्रधान, सुधीर लांबा, सुखबीर लांबा, कर्मवीर साहब, धर्मपाल लांबा, ईश्वर ¨सह, ओमप्रकाश, छोटूराम, बदलू, कृष्ण ¨सह, दिले ¨सह, अमर ¨सह, मनफूल ¨सह, सतबीर ¨सह, रघुवीर ¨सह, संदीप लांबा, करतार ¨सह, रामकिशन ¨सह सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि वे अध्यापकों की नियुक्ति के लिए शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से अनेक बार मिल चुके हैं लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। अध्यापकों की कमी को लेकर वे डीईओ व बीईओ से भी अनेक बार मिल चुके हैं और जिला शिक्षा अधिकारी ने डेपुटेशन कर अध्यापकों को भेजने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही हैं।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सरपंच बारड़ा दीपचंद ने विद्यार्थियों व ग्रामीणों को समझाया और जल्द ही शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से मिलकर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इस पर विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सोमवार तक अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होती है तो विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठेंगे तथा ग्रामीण सतनाली-महेन्द्रगढ़ मुख्य सड़क मार्ग को जाम कर देंगे जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
बारड़ा के राजकीय उच्च विद्यालय के विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कुल सात पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में स्कूल में केवल संस्कृत विषय का एक ही अध्यापक है, बाकि सभी पद खाली हैं। इसके अलावा कक्षा नौंवीं व दसवीं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए मुख्याध्यापक सहित कुल छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन ये सभी पद खाली हैं। उन्होंने बताया कि यहां कार्यरत शिक्षकों का तबादला लगभग एक महीना पहले पहले हुआ था, तब से लेकर अब तक कोई भी नया अध्यापक नहीं आया है जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।