भास्कर न्यूज | यमुनानगर गुरुनानक खालसा कॉलेज के दो प्राध्यापकों का निलंबन किए जाने के विरोध
में प्राध्यापक मंगलवार को भी गरजे। शिक्षकों ने कॉलेज प्राचार्य के खिलाफ
नारेबाजी की। आरोप लगाया कि कॉलेज प्राचार्य के तानाशाही रवैये के कारण
शिक्षकों प्रबंधन समिति के बीच दरार पड़ गई है।
इससे समस्या सुलझने की बजाय
बढ़ती जा रही है।
हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के यमुनानगर जोन के प्रधान डॉ. तेजवीर
सिंह ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन प्राध्यापकों के मसले को हल करवाने की कोशिश
भी नहीं कर रहा है। जिस कारण शिक्षकों में रोष बढ़ता जा रहा है। डॉ. एसके
दूबे ने कहा कि शिक्षकों का कार्य कक्षा में पढ़ाना है। लेकिन प्रबंधन कॉलेज
प्राचार्य के तानाशाही रवैये के कारण शिक्षकों को धरने पर बैठने को मजबूर
होना पड़ रहा है। कॉलेज की प्रबंधक समिति भी सामाजिक सरोकार को भूल चुकी है
और प्राइवेट कंपनी की तरह कार्य कर रही है। शिक्षकों की कड़ी मेहनत के कारण
ही खालसा कॉलेज प्लस ग्रेड प्राप्त कर सका है। इसलिए प्रबंधन समिति को
हठधर्मिता खत्म कर दोनों शिक्षकों को बहाल करना चाहिए। जब तक दोनों
शिक्षकों को बहाल नहीं किया जाता है, तब तक धरना इसी तरह से जारी रहेगा। इस
मौके पर डॉ. अजायब सिंह, डॉ. दलबीर सिंह, डॉ. श्रीप्रकाश, डॉ. एमएस बिष्ट
भी मौजूद रहे।
भगवानपरशुराम कॉलेज के शिक्षकों का भी विरोध
कुरुक्षेत्र| गुरुनानकखालसा कॉलेज के दो प्रोफेसरों को निलंबित करने के
विरोध में भगवान परशुराम कॉलेज के शिक्षक भी उतर गए हैं। जोनल प्रधान डॉ.
एमएल शर्मा ने कहा कि कई दिनों से शिक्षक यमुनानगर में कॉलेज के बाहर धरना
दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधक समिति शिक्षकों का वेतन समय पर
नहीं दे रही वहीं आवाज उठाने पर शिक्षकों को निलंबित कर दिया। शर्मा ने कहा
कि अगर प्रबंधक समिति ने शिक्षकों के निलंबन को वापस नहीं लिया तो बड़े
स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें कुरुक्षेत्र जिले के कॉलेजों के
शिक्षक भी शामिल होंगे। भगवान परशुराम कॉलेज के शिक्षकों ने भी शिक्षकों को
समर्थन देने की घोषणा की।