रांची : रांची विवि में आपाधापी में जिस तरह अनुबंध पर शिक्षकों की
नियुक्ति की गयी है, उससे विवि खुद कठघरे में आ गया है. वहीं, दूसरी तरफ
संबंधित कॉलेज के प्राचार्यों के लिए यह सिर दर्द जैसा हो गया है.
विवि प्रशासन ने सेकेंड शिफ्ट के नाम पर कई ऐसे विषयों के शिक्षक को
कॉलेज में भेज दिया है, जहां उस विषय की पढ़ाई ही नहीं होती है. कई विषयों
में तो विद्यार्थी हैं ही नहीं, फिर भी शिक्षकों को नियुक्त कर दिया गया
है. किसी-किसी कॉलेज में विद्यार्थीयों की संख्या 10 के आसपास है, लेकिन
वहां तीन से चार शिक्षक नियुक्त कर दिये गये हैं.
अब इन कॉलेजों के प्राचार्यों को यह समझ नहीं आ रहा है कि बिना क्लास
लिये ऐसे शिक्षकों को मानदेय का भुगतान किस आधार पर किया जायेगा. फिलहाल कई
कॉलेजों के प्राचार्यों ने विवि प्रशासन को पत्र लिख कर दिशा-निर्देश
मांगा है. जानकारी के अनुसार रांची कॉलेज में हो भाषा में एक भी विद्यार्थी
नहीं है, लेकिन वहां चार शिक्षकों को नियुक्त किया गया है.
इसी प्रकार संताली भाषा में एक भी विद्यार्थी नहीं हैं, लेकिन वहां पर
पांच शिक्षकों को नियुक्त किया गया है. समाजशास्त्र विषय में एक भी
विद्यार्थी नहीं हैं, लेकिन उस विषय में दो शिक्षक नियुक्त किये गये हैं.
रांची कॉलेज में सेकेंड शिफ्ट में पढ़ाई भी नहीं होती है, लेकिन वहां
सेकेंड शिफ्ट के नाम पर कई विषयों में शिक्षक भेज दिये गये हैं. संस्कृत
विषय में 20 विद्यार्थी हैं, लेकिन वहां पर चार शिक्षक नियुक्त हैं. इसी
प्रकार खोरठा में 12 विद्यार्थी हैं, जबकि इन्हें पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक
हैं. पंचपरगनिया में एक भी विद्यार्थी नहीं है, लेकिन दो शिक्षकों को
नियुक्त कर दिया गया है. मारवाड़ी कॉलेज में भी सिर्फ कॉमर्स विषय ही
सेकेंड शिफ्ट में चलता है, लेकिन विवि द्वारा सभी विषयों में सेकेंड शिफ्ट
के नाम पर शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गयी है. कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग
है ही नहीं, लेकिन विवि ने दो शिक्षकों को नियुक्त कर दिया है. इस कॉलेज
में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा के कई विषयों में विद्यार्थी नहीं हैं, लेकिन
शिक्षकों को नियुक्त कर दिया गया है. इसी प्रकार रांची वीमेंस कॉलेज में
भी शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गयी है. सबसे बुरी स्थिति दूर-दराज के
कॉलेजों की है.
कई कॉलेजों में सेकेंड शिफ्ट में विद्यार्थी नहीं हैं, लेकिन विवि
द्वारा अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गयी है. उल्लेखनीय है कि
अनुबंध पर नियुक्त शिक्षक को प्रति क्लास 600 रुपये अौर अधिकतम 36 हजार
रुपये प्रतिमाह मानदेय का भुगतान करना है.